How to Treat Hibiscus Bud Drop: अगर आपके गुड़हल के पौधे में कलियां बनने के बाद खिलने से पहले ही गिर जाती हैं, तो इसकी वजह पोषण की कमी, मौसम में बदलाव या फंगल संक्रमण हो सकता है। ऐसे में महंगे केमिकल की जगह घर में मौजूद 3 चीजों से बना आसान घरेलू उपाय पौधे को स्वस्थ बनाकर भरपूर फूल खिलाने में मदद कर सकता है।

लगातार काफी बारिश और धूप की कमी के कारण गुड़हल की कलियां खिलने से पहले गिरने लगती हैं। इसके अलावा पोषण की कमी, मौसम में बदलाव या फंगल इनफैक्शन हो सकता है। ऐसे में महंगे केमिकल की जगह घर में मौजूद 3 चीजों से बना आसान घरेलू उपाय पौधे को स्वस्थ बनाकर भरपूर फूल खिलाने में मदद कर सकता है।

खिलने से पहले टूटकर गिर रही हैं गुड़हल की कलियां? अपनाएं ये आसान उपाय

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क्यों गिर जाती हैं गुड़हल की कलियां?

गुड़हल की कलियां गिरने का सबसे बड़ा कारण पौधे पर अचानक पड़ने वाला स्ट्रेस है। बरसात में जरूरत से ज्यादा या कम पानी, तेज या कम धूप, लगातार बारिश, पोषण की कमी और फंगल इनफैक्शन की वजह से पौधा कलियों को संभाल नहीं पाता। इसलिए सबसे पहले सही देखभाल और बैलेंस सिंचाई पर ध्यान देना जरूरी है।

हींग, कपूर और हल्दी से बनाएं घरेलू स्प्रे

एक गिलास पानी में एक चुटकी हींग, एक कपूर और एक चम्मच हल्दी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण को रातभर या लगभग 8–12 घंटे के लिए ढककर छोड़ दें ताकि यह हल्का फरमेंट हो जाए। अगली सुबह इसे छानकर स्प्रे बॉटल में भर लें और पूरे पौधे, खासकर कलियों और पत्तियों पर हल्का स्प्रे करें।

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इस घरेलू नुस्खे से क्या मिलेगा फायदा?

हींग की तेज गंध कई हानिकारक कीटों को दूर रखने में मदद करती है। हल्दी में नेटुरल एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जबकि कपूर की खुशबू भी कुछ कीटों को पौधे से दूर रखने में मददगार होती है। रेगुलर अंतराल पर इस स्प्रे का यूज करने और सही देखभाल के साथ पौधा हेल्दी रह सकता है तथा कलियों के झड़ने की समस्या कम हो सकती है। ध्यान रखें कि यह घरेलू उपाय है, जिसके परिणाम पौधे की स्थिति और देखभाल पर निर्भर करेंगे।

इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान

घरेलू स्प्रे के साथ-साथ गुड़हल के पौधे को रोजाना 5–6 घंटे धूप दें। मिट्टी में पानी जमा न होने दें और ऊपर की मिट्टी सूखने पर ही पानी डाले। महीने में एक-दो बार ऑर्गेनिक खाद जैसे वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की सड़ी खाद डालें। सूखी पत्तियों और कमजोर टहनियों की समय-समय पर छंटाई भी करें ताकि पौधा नई कलियां बना सके।

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