How to induce flowering in Aparajita plant: क्या आपकी अपराजिता की बेल में सिर्फ पत्ते आ रहे हैं? जानिए 5 आसान किचन इंग्रेडिएंट्स और घरेलू उपाय, जिनसे अपराजिता में तेजी से कलियां आएंगी, फूलों की भरमार होगी और बेल पूरे सीजन नीले फूलों से लदी रहेगी।
अगर आपकी अपराजिता की बेल में खूब पत्ते आ रहे हैं लेकिन फूल नहीं खिल रहे, तो चिंता की बात नहीं है। अगस्त में सही पोषण, पर्याप्त धूप और कुछ आसान किचन इंग्रेडिएंट्स की मदद से सितंबर नवंबर तक बेल में भरपूर फूल लाए जा सकते हैं। जानिए 5 ऐसे घरेलू उपाय, जो अपराजिता को फूलों से लदा हुआ बना देंगे।
केले के छिलके का लिक्विड फर्टिलाइजर दें
केले के छिलके पोटैशियम का अच्छा सोर्स होते हैं, जो फूल बनने की प्रोसस को फास्च करते हैं। 2–3 केले के छिलकों को 2 लीटर पानी में 2–3 दिन और रातभर भिगोकर रखें। इसके बाद इस पानी को छानकर 1:1 रेसियो में सामान्य पानी मिलाएं और हर 15–20 दिन में पौधे की जड़ों में डालें। इससे कलियां फास्ट से बनती हैं और फूल लंबे समय तक टिके रहते हैं।
र्मी कम्पोस्ट और गोबर की खाद डालें
अपराजिता की बेल को जैविक खाद बेहद पसंद होती है। महीने में एक बार 1–2 मुट्ठी वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिट्टी में मिलाएं। इससे पौधे को नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम संतुलित मात्रा में मिलते हैं, जिससे पत्तों के साथ-साथ फूलों की संख्या भी बढ़ती है।
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चावल का पानी और प्याज के छिलकों का घोल
चावल धोने का पानी और प्याज के छिलकों से तैयार घोल पौधे को सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करता है। चावल का पानी सप्ताह में एक बार दें। वहीं प्याज के छिलकों को 24 घंटे पानी में भिगोकर छान लें और महीने में 2 बार पौधे में डालें। इससे जड़ों की मजबूती बढ़ती है और नई शाखाएं निकलती हैं।
सही सिंचाई और तेज धूप का रखें ध्यान
अपराजिता में जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ें कमजोर हो सकती हैं और कलियां झड़ने लगती हैं। मिट्टी हल्की नम रखें लेकिन पानी जमा न होने दें। साथ ही रोजाना कम से कम 6–8 घंटे की सीधी धूप जरूर मिले। पर्याप्त धूप मिलने पर पौधा ज्यादा ऊर्जा बनाता है, जिससे फूलों की संख्या बढ़ती है।
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सूखी शाखाओं की छंटाई और मजबूत सहारा दें
समय-समय पर सूखी और कमजोर टहनियों की छंटाई करें ताकि नई शाखाएं निकल सकें। अपराजिता एक क्लाइंबर बेल है, इसलिए इसे मजबूत ट्रेलिस, जाली या रस्सी का सहारा दें। बेल जितनी अच्छी तरह फैलेगी, उतनी ही ज्यादा नई टहनियां और फूल निकलेंगे।
