How to Grow Potato at Home: घर की छत, बालकनी और ग्रो बैग में आलू कैसे उगाएं ? जानें कुफरी ज्योति, बादशाह समेत 10 बेहतरीन आलू किस्में, सही मिट्टी, खाद, सिंचाई और भंडारण के आसान तरीके।
भारतीय रसोई में शायद ऐसा कोई दिन हो जिस दिन आलू न बनता है। रोटी से लेकर चावल तक हर किसी के साथ इसे पसंद किया जाता है। अच्छी बात है कि इसे उगाने के लिए ज्यादा बड़े खेत की जरूरत नहीं पड़ती है। बालकनी, छत या छोटे से ग्रो बैग में भी आलू उगाई जा सकती है। जरूरत है तो सही किस्म, अच्छी मिट्टी और थोड़ी देखभाल की। अगर आप भी पहली बार घर पर आलू लगने की सोच रहे हैं तो आर्टिकल आपका काम आसान कर सकता है।

घर पर आलू की कौन सी किस्में उगाएं ?
अच्छी पैदावार चाहिए तो सही किस्म चुनना बेहद जरूरी है। भारत में कुफरी सीरीज की कई आलू को बिना परेशानी घर पर उगाया जा सकता है।
1. कुफरी ज्योति
- आलू की वैरायटी भारत की सबसे लोकप्रिय
- अलग-अलग मौसम में भी शानदार पैदावार
- रोगों के प्रति शहनशीलता
2. कुफरी पुखराज
- जल्दी तैयार हो जाती है
- अधिक उत्पादन के लिए फेमस
- बड़े आकार के आलू देती है
3. कुफरी बहार
- उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए बेस्ट
- रोग-कीटों के प्रति प्रतिरोधी
- लंबे समय तक स्टोर करने के लिए चुनें

4. कुफरी बादशाह
- स्वाद में नंबर वन और साइज में बड़े
- ठंडे मौसम में बंपर पैदावार
- घरेलू इस्तेमाल के लिए बेहतरीन
5. कुफरी सूर्या
- गर्म मौसम में बढ़िया पैदावार
- जल्दी होने वाली वैरायटी
- दक्षिण और पश्चिम भारत के लिए बेस्ट
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6. कुफरी सिंधुरी
- लाल छिलके के लिए प्रसिद्ध
- ठंड में भी अच्छी पैदावार
- लंबे समय भंडारण के लिए उपयुक्त
7. कुफरी अशोका
- कम समय में जल्दी तैयार होने वाली किस्म
- पहली बार बागवानी करने के लिए बेस्ट
8. कुफरी सदाबहार
- उत्तर प्रदेश समेत मैदानी इलाकों की पहली पसंद
- उच्च उत्पादन की क्षमता
9. कुफरी नीलकंठ
- गहरे बैंगनी रंग के छिलकों वाली किस्म
- एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों से भरपूर
10. कुफरी रतन
- लाल छिलके के लिए प्रसिद्ध
- कटाई के बाद भी लंबे समय तक खराब नहीं होती
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11. कुफरी तेजस
- गर्मी सहन करने वाली नई वैरायटी
- अच्छी पैदावार और गुणवत्ता
आलू उगाने के लिए कैसी मिट्टी चाहिए ?
आलू को ज्यादा हार्ड मिट्टी पसंद नहीं होती है। इसकी पैदावार, हल्की, भुरभुरी और जल ड्रेनेज मिट्टी में ज्यादा होती है। ऐसे में आप 10% रेट, 60% कोकोपीट और 30% वर्मीकंपोस्ट की मदद से सॉयल तैयार करें। चाहे तो नीम की खली मिला दें, इससे पौधों को पोषण भी मिलेगा और कीटों का खतरा भी दूर रहेगा।
गमले- ग्रो बैग में आलू कैसे उगाएं ?
- 20 इंच का ग्रो बैग चुनें
- 10 सेंटीमीटर मिट्टी से भर दें
- बीज आलू के टुकड़ रखें, (ध्यान रहें इसमें 2-3 स्प्राउट होने चाहिए)
- ऊपर से 5 सेंटीमीटर फर्टिलाइजर डालें
- पौधे जैसे-जैसे ग्रो करें, मिट्टी डालते जाए
- बैग भर जाने तक ये प्रोसेस दोहराते रहे
आलू में कब और कितना पानी दें ?
- आलू नमी में जल्दी उगता है
- मिट्टी हमेशा नम रखें
- सुबह के समय पौधे को पानी दें
- पत्तियों पर पानी बिल्कुल मत डालें
- कटाई से 7-10 पहले वॉटरिंग बंद कर दें
आलू की फसल में कौन सा खाद डालें ?
आलू तेजी से बढ़ने वाली फसल है, इसलिए पोषण भी जरूरी है।
- वर्मीकंपोस्ट
- सड़ी हुई गोबर खाद
- लकड़ी की रखा
- नीम खली
- तरल खाद
- सीवीड एक्स्रेट हर 6-8 हफ्ते में
- नीम की खली का घोल 15 दिन में एक बार
आलू में लगने प्रमुख कीट और बचाव
- एडिफ- पत्तियों को मोड़ देता है, बचने के लिए नीम तेल का छिड़काव करें, पीले स्ट्रिकी ट्रैप लगाएं
- लेट ब्लाइट- पत्तियों पर भूरे धब्बे आते हैं, पौधों के बीच दूरी रखें, ऊपर से पानी मत डालें
आलू का भंडारण कैसे करें ?
- कटाई के बाद आलू को धुलने की गलती मत करें। इसकी बजाय-
- आलू पर लगी मिट्टी हल्के हाथों से साफ करें
- 10-15 दिन तक अंधेरी और हवादार जगह पर रखें
- लकड़ी की टोकरियों में स्टोर करें
- धूप में मत रखें
