घर की बालकनी में लगाएं मोरिंगा, सालभर मिलेंगी हेल्दी पत्तियां और फली

Published : Jun 06, 2026, 06:30 PM IST
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सार

Moringa Plant in Pot: क्या सहजन का पेड़ गमले में उगाया जा सकता है? सहजन के पौधे को तेजी से बढ़ाने के लिए क्या करें? बालकनी में सहजन उगाने का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

Balcony Gardening Tips: आजकल बालकनी गार्डनिंग का शौक तेजी से बढ़ रहा है। सीमित जगह में भी लोग सब्जियां, फल और औषधीय पौधे उगा रहे हैं। सहजन (मोरिंगा) ऐसा पौधा है जो कम देखभाल में तेजी से बढ़ता है और इसके पत्ते, फूल व फलियां सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। अच्छी बात यह है कि आप इसे बड़े बगीचे के बिना भी सिर्फ एक गमले में उगा सकते हैं। सही गमला, मिट्टी और देखभाल के साथ बालकनी में भी स्वस्थ सहजन का पौधा तैयार किया जा सकता है।

सही गमले का चुनाव है जरूरी

सहजन की जड़ें गहराई तक जाती हैं, इसलिए कम से कम 18 से 24 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें। मिट्टी या ग्रो बैग दोनों का उपयोग किया जा सकता है। गमले के नीचे पर्याप्त ड्रेनेज होल होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल सके। छोटा गमला चुनने से पौधे की वृद्धि प्रभावित हो सकती है, इसलिए शुरुआत से ही पर्याप्त आकार का कंटेनर लेना बेहतर रहता है।

मिट्टी तैयार करने का आसान तरीका

सहजन के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। गार्डन सॉइल, रेत और वर्मीकम्पोस्ट को बराबर मात्रा में मिलाकर पॉटिंग मिक्स तैयार करें। यह मिश्रण जड़ों को पर्याप्त हवा और पोषण देता है। बीज या पौधा लगाने से पहले मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरी कर लें। इससे जड़ों का विकास बेहतर होता है और पौधा तेजी से बढ़ता है।

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धूप और सिंचाई का रखें ध्यान

सहजन को भरपूर धूप पसंद होती है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां कम से कम 6 से 8 घंटे सीधी धूप मिले। पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस हो। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है। गर्मियों में नियमित निगरानी रखें, लेकिन मिट्टी को लगातार गीला रखने से बचें।

समय-समय पर करें छंटाई

गमले में सहजन उगाने के लिए पौधे की ऊंचाई नियंत्रित रखना जरूरी है। जब पौधा 2 से 3 फीट का हो जाए तो इसकी ऊपरी शाखा की हल्की छंटाई करें। इससे नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा अधिक घना बनता है। नियमित प्रूनिंग से पौधे की ऊर्जा संतुलित रहती है और बालकनी में इसकी देखभाल भी आसान हो जाती है।

ये टिप्स और ट्रिक्स आएंगे काम

हर 30 से 40 दिन में जैविक खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालें। कीटों से बचाव के लिए नीम तेल का स्प्रे किया जा सकता है। तेज हवा वाले क्षेत्रों में गमले को सहारा देकर रखें। यदि पौधा बहुत ऊंचा होने लगे तो समय-समय पर शाखाओं की कटाई करें। सही देखभाल मिलने पर कुछ ही महीनों में सहजन की ताजी पत्तियां और फलियां मिलने लगती हैं, जिन्हें रसोई में उपयोग किया जा सकता है।

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क्या सहजन को छोटे गमले में उगाया जा सकता है?

शुरुआती समय में छोटे गमले ठीक हैं, लेकिन बेहतर वृद्धि के लिए 18 से 24 इंच गहरा गमला इस्तेमाल करना चाहिए।

सहजन के पौधे को कितनी धूप की जरूरत होती है?

रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए जरूरी है।

गमले में लगे सहजन को कितनी बार पानी देना चाहिए?

मिट्टी सूखने पर ही पानी दें। अधिक पानी देने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

क्या बालकनी में लगा सहजन फलियां दे सकता है?

पर्याप्त धूप, खाद और सही देखभाल मिलने पर गमले में लगा सहजन भी फलियां और पत्तियां दे सकता है।

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