
जिन लोगों को गार्डनिंग का शौक है, लेकिन वो वेकेशन पर भी बहुत ज्ता हैं, उनके लिए प्लांट एक चुनौती बन जाती है। उनके प्लांट अक्सर सूख जाते हैं। बिजनेस ट्रिप, छुट्टियां या फिर अचानक बनने वाले प्लान, इन सबके बीच पौधों को रोज़ पानी देना या खरपतवार हटाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब एक बेहद आसान और प्राकृतिक उपाय है, जो आपके पौधों को आपकी गैरमौजूदगी में भी हरा-भरा रख सकता है, जिसे स्ट्रॉ मल्चिंग (Straw Mulch) कहते हैं।
स्ट्रॉ मल्चिंग एक प्राकृतिक तकनीक है, जिसमें पौधों के आसपास सूखी घास (straw) की एक परत बिछाई जाती है। यह परत मिट्टी को ढककर उसे सुरक्षा देती है और पौधों के लिए एक स्थिर वातावरण तैयार करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तरीका पौधों को कम देखभाल में भी स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर घर से बाहर रहते हैं।
स्ट्रॉ मल्च मिट्टी के लिए एक प्राकृतिक “कंबल” की तरह काम करता है। यह पानी को सोखकर धीरे-धीरे पौधों तक पहुंचाता है। इससे पौधे कई दिनों तक बिना पानी दिए भी हरे-भरे रह सकते हैं, जो ट्रैवलर्स के लिए बेहद उपयोगी है।
गर्मी या सर्दी, दोनों ही मौसम में यह मिट्टी के तापमान को स्थिर रखता है। गर्मियों में यह जड़ों को ज्यादा गर्म होने से बचाता है और सर्दियों में ठंड से सुरक्षा देता है।
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स्ट्रॉ की मोटी परत सूरज की रोशनी को मिट्टी तक नहीं पहुंचने देती, जिससे खरपतवार उगते ही नहीं हैं। इससे गार्डन की मेंटेनेंस काफी कम हो जाती है।
स्ट्रा मल्च टमाटर, मिर्च, स्क्वैश, फूल वाले पौधे के लिए अच्छे होते हैं। लेकिन जिन प्लांट को सूखी मिट्टी पसंद है, जैसे लैवेंडर और रोजमेरी उनमें स्ट्रा मल्च का इस्तेमाल ना करें।
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