Adenium Plant Care: अडेनियम का तना या जड़ गल रही है तो घबराएं नहीं। जानिए फंगीसाइड, सैनिटाइज्ड चाकू और सही मिट्टी की मदद से पौधे को दोबारा स्वस्थ बनाने के आसान तरीके।

जब बात यूनिक पौधे लगाने की आती हो अडेनियम (Adenium Plant) का नाम जरूर लिया जाता है। यह दुनियाभर में रेगिस्तान का गुलाब के नाम भी प्रसिद्ध है। इसकी खूबसूरत केवल फूल नहीं बल्कि मोटा तना है। वैसे तो यह पौधा जल्द खराब नहीं होता है, हालांकि कई बार कुछ ऐसी गलतियां लोग कर देते हैं जिस वजह से पौधे का तना अंदर ही अंदर गल जाता है। अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं आज हम लेकर आए हैं कुछ ऐसे टिप्स जिनकी मदद से अडेनियम फिर से हरा-भरा हो जाएगा।

अडेनियम को खराब होने से कैसे बचाएं ?

अपन पौधे को बचाने के लिए केवल 3 चीजों की आवश्यकता होगी, जिसमें फंगीसाइड, एक तेज चाकू और हैंड सैनिटाइजर की आवश्यकता होगी।

1 ) पौधे की मिट्टी का करें इलाज

अगर जड़े गल रही हैं तो सबसे पहले अडेनियम को गमले की मिट्टी से निकालकर सावधानी पूर्वक अलग कर लें। इसके बाद रूट्स को अच्छी तरह से पानी से साफ करें। ऐसा करने से सारी मिट्टी साफ हो जाएगी और प्लांट का सड़ा-खराब हिस्सा साफ दिखाई देने लगेगा।

2) चाकू को सेनिटाइज करना

अडेनियम को दोबारा हरा-भरा दिखाने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है। जिसमें चाकू का इस्तेमाल करने से पहले सेनिटाइज जरूर करें। इससे किसी भी तरह का इन्फेक्शन नहीं फैलेगा और पौधा किसी दूसरी बीमारी का शिकार नहीं होगा।

3) सड़ी हुई जड़ हटाएं

तीसरे स्टेप में सैनिटाइस की हुई चाकू से पौधे के उस हिस्से को काटना शूरू करें जो डार्क ब्राउन रंग का और गला हुआ है। यह आपको तब तक करना है जबकि अगंदर की क्लीन सफेद टिश्यू दिखाई न देने लगे। यहां पर ध्यान भी देना है कि तने में कहीं भी भूरा हिस्सा नहीं होना चाहिए वरना फंगस दोबारा लग सकता है।

4) फंगीसाइड का इस्तेमाल

जब पौधे का सफेद बाग दिखने लगे तो इसमें फंगीसाइड का लेप या पाउडर अच्छी तरह से लगा दें। यह पौधे को फंगस से बचाने का काम करता है।

5) पौधे को सूखने रखें

Fungicide का यूज करने के तुरंत बाद इसे मिट्टी में लगाएं। 3-5 घंटे का इंतजार करें, साथ ही हवादार और छांव वाली जगह पर सूखने के लिए रख दें ताकि कटा हुआ हिस्सा थोड़ा कठोर हो जाए।

6) ताजी में दोबारा करें शिफ्ट

5-6 घंटे के बाद पौधे के लिए एक दूसरे गमले में ताजी-सूखी और खादी मिक्स ड्रेनेज मिट्टी का इस्तेमाल करके दोबारा लगा दें। साथ ही तुरंत पानी मत दें। आप पौधे में 3-4 दिन तक पानी न डालें। ऐसा करने से पौधे का घाव जल्द भरेगा वो हरा-भरा हो जाएगा।