
Food Avoid in Hypothyroidism: आपने बहुत से लोगों को थायरॉइड की समस्या से जूझते हुए देखा होगा। कुछ लोगों का वजन कम हो जाता है, तो कुछ का बहुत बढ़ जाता है। खासकर हाइपोथायरॉइडिज्म में थायरॉइड हार्मोन कम बनने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इससे शरीर में चर्बी जमा होकर वेट गेन होता है। बहुत से लोग इस समस्या को कम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन गलत खानपान सेहत को नुकसान पहुंचाता है। आइए जानते हैं हाइपोथायरॉइडिज्म में किन फूड्स को अवॉइड करना चाहिए।
सोया में मौजूद फाइटोएस्ट्रोजन (Isoflavones )थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित करते हैं। साथ ही थायरॉइड पेरऑक्सिडेज (TPO) एंजाइम को ब्लॉक कर सोया प्रोडक्टट थायरॉइड हार्मोन (T3 और T4) बनाने की प्रक्रिया बाधित करते हैं। इसी कारण से हाइपोथायरॉइडिज्म की समस्या से पीढ़ित पेशेंट्स को टोफू, सोया बढ़ी, सोया मिल्का आदि का सेवन करने से मना किया जाता है।
हाइपोथायरॉइडिज्म की समस्या वालों को गॉइट्रोजन वाले खाने से सावधान रहना चाहिए। ये आयोडीन के अवशोषण को कम कर सकते हैं, जिससे खाने पर समस्या बढ़ सकती है। इसलिए ब्रोकली, फूलगोभी जैसी चीजे कम मात्रा में ही खानी चाहिए।
थायरॉइड के मरीजों को वेट कम करने के लिए, अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। मैदा, सफेद ब्रेड, केक जैसी चीजों में GI अधिक होता है। ये खून में शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाती हैं और चर्बी बढ़ने का खतरा अधिक होता है। इसलिए इन्हें अपनी डाइट से हटा देना चाहिए।
हाइपोथायरॉइडिज्म में मेटाबॉलिज्म स्लो होने के कारण वजन तेजी से बढ़ता है। ऐसे में आपको मीठे चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए वरना वजन अधिक हो जाएगा।
शलजम में ऐसे तत्व होते हैं जो थायरॉइड ग्रंथि के आयोडीन को अवशोषित करने की क्षमता को कम कर देते हैं। इसी कारण से हाइपोथायरॉइडिज्म में शलजम खाने से मना किया जाता है।
थायरॉइड पेशेंट्स को खूब पानी पीने की आदत डालनी चाहिए। पानी शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकालते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। रोज कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
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