
हेल्थ डेस्क: 10वीं 12वीं के बोर्ड एग्जाम शुरू होने में बस कुछ ही समय बचा है। ऐसे में बच्चों का प्रेशर भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस समय प्रेशर लेने की नहीं बल्कि प्रेशर को कम करने की जरूरत होती है। जी हां, मां-बाप को भी यह चीज समझनी चाहिए कि बच्चों के मानसिक विकास और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए न केवल पढ़ाई बल्कि योगासन भी बहुत फायदेमंद होता है। यह उनकी मेंटल हेल्थ को मजबूत करता है और मन में पॉजिटिव इंपैक्ट डालता है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई से बीच में ब्रेक देकर यह पांच योगासन करने की सलाह जरूर दें, ताकि वह एग्जाम के प्रेशर को कम कर पाए और अपनी मेंटल पावर को भी इनक्रीस कर सकें।
बच्चों को वज्रासन करने से मानसिक शांति मिलता है और ये ध्यान बढ़ाता है। ये बच्चों के पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इस आसन को करने के लिए अपने घुटनों को मोड़कर पैरों के बल बैठें। रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और हाथ घुटनों पर रखें। आंखें बंद करें और गहरी सांस लें। इसे 2-5 मिनट तक करें।
बालासन यानी कि चाइल्ड पोज दिमाग को आराम और शांति देने का काम करता है. ये मानसिक तनाव को कम करता है। बालासन को करने के लिए घुटनों के बल बैठें और माथे को जमीन पर टिकाएं। हाथों को आगे की तरफ फैलाएं। धीरे-धीरे गहरी सांस लें। इसे 1-3 मिनट तक करें।
वृक्षासन बच्चों के मेंटल बैलेंस और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाता है और दिमाग को स्थिरता देता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और एक पैर को उठाकर दूसरे पैर की जांघ पर टिकाएं। हाथों को नमस्ते मुद्रा में जोड़ें और सिर के ऊपर उठाएं। बैलेंस बनाए रखें और गहरी सांस लें। इसे 30 सेकंड से 1 मिनट तक करें।
भुजंगासन करने से पढ़ाई के बाद की मानसिक थकान को दूर करने में मदद मिलती है। ये रीढ़ की हड्डी और दिमाग को सशक्त बनाता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और हाथों को कंधों के नीचे रखें। हाथों से शरीर को ऊपर की ओर उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाएं। गहरी सांस लेते हुए इस मुद्रा को 15-30 सेकंड तक बनाए रखें।
ध्यान मुद्रा या मेडिटेशन पोज एकाग्रता और मेंटल पावर को बढ़ाता है और बच्चों के मन में आ रहे नकारात्मक विचारों को कम करता है। इसे करने के लिए पद्मासन या सुखासन में बैठें। हाथों को घुटनों पर रखें। आंखें बंद करें और ध्यान केंद्रित करें। गहरी और धीमी सांस लेते हुए 5-10 मिनट तक इसे करें।
एग्जाम से पहले इन 5 योगासनों को करने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति मिलती है। बच्चे ज्यादा एनर्जेटिक और पॉजिटिव महसूस करते हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास और याद रखने की शक्ति में सुधार होता है।
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