प्राइवेट क्लिनिक का ‘झटका’! सर्दी-बुखार में बना ₹9900 का बिल-जानें कहां का है यह मामला

Published : Mar 20, 2026, 07:07 PM IST
प्राइवेट क्लिनिक का ‘झटका’! सर्दी-बुखार में बना ₹9900 का बिल-जानें कहां का है यह मामला

सार

चेन्नई में एक व्यक्ति ने मामूली बुखार के लिए निजी क्लिनिक में ₹10,000 के बिल का पोस्ट किया। यह पोस्ट वायरल होने के बाद निजी स्वास्थ्य सेवा की महंगी लागत पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

चेन्नई के एक शख्स ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि कैसे एक मामूली बीमारी के इलाज के लिए उनसे करीब 10,000 रुपये वसूल लिए गए। इस पोस्ट के बाद कई लोग प्राइवेट क्लिनिकों में इलाज के बढ़ते खर्च पर सवाल उठा रहे हैं। शख्स के मुताबिक, वह सिर्फ बुखार और सर्दी के लिए एक रूटीन चेक-अप कराने गए थे, लेकिन कंसल्टेशन, टेस्ट और दवाओं को मिलाकर बिल बहुत ज्यादा आ गया।

अपने पोस्ट में उस व्यक्ति ने बताया कि वह एक सामान्य जांच के लिए अपोलो क्लिनिक गए थे। लेकिन, फाइनल बिल लगभग 9,900 रुपये का बना। उन्होंने लिखा, "सिर्फ एक मामूली बुखार था; सलाह लेने के लिए @ApolloClinics गया। पूरा बिल 9000 रुपये का बना। ब्लड टेस्ट, स्वैब टेस्ट, वगैरह-वगैरह। ऊपर से 900 रुपये की दवाइयां। यह बिल्कुल भी सही नहीं है।"

X पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और इसे लाखों लोगों ने देखा। कई लोगों ने प्राइवेट हेल्थकेयर सुविधाओं में इलाज के खर्च पर अपनी राय देनी शुरू कर दी।

वायरल पोस्ट यहां देखें

 

 

अपोलो क्लिनिक ने पोस्ट पर दी प्रतिक्रिया

अपोलो क्लिनिक्स ने भी इस पोस्ट पर जवाब दिया और शख्स से पूरी जानकारी मांगी। उन्होंने लिखा, “आपके फीडबैक के लिए धन्यवाद। कृपया हमें क्लिनिक की लोकेशन और अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स बताएं ताकि हमारी टीम जल्द से जल्द आपकी मदद कर सके।"

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

इस पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने माना कि एक मामूली बीमारी के लिए यह फीस बहुत ज्यादा है, जबकि कुछ ने तर्क दिया कि प्राइवेट क्लिनिकों में मरीजों को ज्यादा कीमत के लिए तैयार रहना चाहिए।

हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल्स में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने अपनी राय देते हुए कहा, "मामूली बुखार के लिए, मैं डॉक्टर के पास नहीं जाता, मैं टेस्ट/जांच से बचता हूं, और मैं एंटीबायोटिक्स या पैरासिटामोल भी नहीं लेता। पिछले तीस सालों में मैंने लाखों रुपये बचाए होंगे।"

एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "बहुत से लोग मामूली बुखार के लिए सरकारी अस्पतालों में जाते हैं और मुफ्त इलाज पाते हैं। लोग सरकारी अस्पतालों से क्यों बचते हैं?"

कुछ लोगों ने यह भी बताया कि मरीजों के पास यह चुनने का विकल्प होता है कि वे इलाज कहां कराएं। एक कमेंट करने वाले ने पूछा, "आप मामूली बुखार के लिए अपोलो क्लिनिक गए ही क्यों? क्या उन्होंने आपको इतने सारे टेस्ट कराने के लिए मजबूर किया? आपके पास विकल्प था। आप किसी लोकल फैमिली डॉक्टर से दूसरी राय ले सकते थे।"

एक और यूजर ने कमेंट किया, “ये हेल्थकेयर क्लिनिक आपको लूटने के लिए अपने सिस्टम में फंसाने के लिए ही बने हैं। वे आपका इलाज करने के लिए नहीं, बल्कि आपको क्लिनिक से अस्पताल में ट्रांसफर करने के लिए हैं।”

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