Fatty Liver Disease : आईटी कर्मचारी हो जाएं सावधान, फैटी लिवर का खतरा बढ़ा

Published : Mar 06, 2025, 04:14 PM ISTUpdated : Mar 06, 2025, 04:18 PM IST
Fatty Liver Disease : आईटी कर्मचारी हो जाएं सावधान, फैटी लिवर का खतरा बढ़ा

सार

IT Jobs and Fatty Liver Risk:जीवनशैली में गलत आदतें फैटी लिवर की बीमारी का कारण बनती हैं। व्यायाम की कमी, घंटों बैठे रहने वाला काम, नींद की कमी, खानपान में गड़बड़ी, तनाव आदि इस बीमारी की आशंका को बढ़ाते हैं। 

Health Risks for IT Employees: भारत में 80 प्रतिशत आईटी कर्मचारी फैटी लिवर की बीमारी से पीड़ित हैं, ऐसा एक नए अध्ययन में सामने आया है।  हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के किए गए अध्ययन में इस बारे में बताया गया है।  आईटी कर्मचारियों को मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (एमएएफएलडी)2 से पीड़ित पाया गया है। 

‘यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में बहुत अधिक फैट जमा हो जाता है और अंग को नुकसान पहुंचाता है।  सामान्य बीएमआई (BMI) होने के बावजूद भी कुछ लोगों को यह बीमारी होती है...’, ये कहना है सैंड्रा हेल्थकेयर में डायबेटोलॉजी के प्रमुख और रंग डी नील इनिशिएटिव के सह-संस्थापक डॉ. राजीव कोविल का।

लिवर का क्या काम होता है? (What is the function of the liver?)

लिवर शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग है। ब्लड को साफ करना, ऊर्जा संग्रहीत करना, पाचन में मदद करना लिवर के काम हैं। कभी-कभी अंग में फैट जमा हो जाता है, जिससे यह खराब हो जाता है। खतरनाक स्तर पर पहुंचने पर इसे फैटी लिवर कहा जाता है। जब लिवर सामान्य से अधिक फैट जमा करता है, तो इसमें सूजन आ सकती है। इससे लिवर फेलियर जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं...' ,  मुंबई के ग्लेनीगल्स अस्पताल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी निदेशक और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. मेघराज इंगले ने कहा। 

साइलेंट महामारी है फैटी लिवर (Fatty liver is a silent epidemic)

 फैटी लिवर की बीमारी एक साइलेंट महामारी है। दुनिया भर में लगभग 30 प्रतिशत लोग फैटी लिवर का अनुभव करते हैं। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों को यह बीमारी अधिक होती है। जीवनशैली में गलत आदतें फैटी लिवर की बीमारी का कारण बनती हैं। व्यायाम की कमी, घंटों बैठे रहने वाला काम, नींद की कमी, खानपान में गड़बड़ी, तनाव आदि इस बीमारी की संभावना को बढ़ाते हैं। 71 प्रतिशत आईटी कर्मचारी मोटे हैं। दुनिया भर में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां मौत का कारण बन रही हैं। क्योंकि इनमें हृदय रोग, सांस की समस्याएं, मधुमेह, गुर्दे की बीमारियां, कैंसर आदि शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, अधिक चीनी का सेवन, निष्क्रिय जीवनशैली लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।  घर का बना खाना खाना हमेशा सेहत के लिए अच्छा होता है। यह लिवर में फैट जमा होने का कारण बनता है। 

फैटी लिवर की संभावना को कम करने के लिए क्या करें

1. अपने डाइट में भरपूर फल, सब्जियां, अनाज, नट्स, सीड्स, बीन्स शामिल करें।

2. नियमित व्यायाम करें। तेज चलना इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार और लिवर में फैट कम करने में मदद करता है।

3. स्वस्थ वजन बनाए रखें।

4. चीनी युक्त पेय पदार्थों सहित प्रसंस्कृत, पैक्ड या जंक फूड से पूरी तरह परहेज करें। इससे लिवर में अतिरिक्त फैट जमा होने से बचने में मदद मिलेगी।

5. शराब का सेवन सीमित करें या छोड़ दें

6.  लिवर के स्वास्थ्य और प्रगति की निगरानी के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग करवाना जरूरी है। 

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