Yoga For Pregnancy: प्रेगनेंसी में ना करें योग स्किप, 7 योगासन से करें खुद की और बच्चे की ग्रोथ

Published : Jun 18, 2025, 11:25 AM IST
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सार

Prenatal yoga asanas: गर्भावस्था में हल्के योगासन मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। जानिए 7 आसान योगासन और सावधानियां जो गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद हैं।

Best Yoga Poses For Pregnant Women: प्रेगनेंसी के दौरान अधिकतर महिलाओं को लगता है कि हमें कोई भी काम नहीं करना चाहिए, वर्कआउट नहीं करना चाहिए। जबकि, डॉक्टर भी मानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान अगर हल्के-फुल्के योगासन किए जाए तो इससे न केवल आपकी ओवरऑल हेल्थ बेहतर होती है, बल्कि यह बच्चे के विकास के लिए भी बहुत ज्यादा जरूरी है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान आप कौन से 7 योगासन कर सकती हैं और इससे अपना और अपने बच्चों की सेहत का ध्यान रख सकती हैं।

वज्रासन (Vajrasana)

प्रेगनेंसी के फर्स्ट और सेकंड ट्राइमेस्टर में आप 5 से 10 मिनट के लिए वज्रासन योग कर सकते हैं। खाना खाने के बाद इसे करने से पाचन ठीक रहता है और गैस और ब्लोटिंग की समस्या नहीं होती है।

मार्जरीआसन (Marjariasana)

मार्जरीआसन या कैट पोज फर्स्ट-सेकंड ट्राइमेस्टर में किया जा सकता है। डॉक्टर से पूछ कर आप थर्ड ट्राइमेस्टर में भी इस आसन को चार से पांच बार कर सकते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और कमर के दर्द में आराम मिलता है।

बद्ध कोणासन (Butterfly Pose)

बद्ध कोणासन या बटरफ्लाई पोज पेल्विक एरिया को मजबूत करता है। इससे नॉर्मल डिलीवरी में भी मदद मिलती है। आप तीनों ट्राइमेस्टर में रोज 5 मिनट इस आसन को कर सकते हैं।

शवासन (Shavasana)

शवासन बॉडी को रिलैक्स करने के लिए, थकान और स्ट्रेस को कम करने के लिए बेहद ही कारगर होता है। आप सेकंड और थर्ड ट्राइमेस्टर 10 मिनट लेफ्ट साइड करवट लेकर शवासन कर सकते हैं। पहले ट्राइमेस्टर में सीधा लेट कर भी शवासन किया जा सकता है।

तितली आसन (Titli Asana)

तितली आसन पेल्विक एरिया को मजबूत करता है, जांघों और हिप्स को फ्लेक्सिबल बनाता है और नॉर्मल डिलीवरी में भी मदद करता है। आप अपने प्रेगनेंसी के तीनों ट्राइमेस्टर में इस योगासन को कर सकते हैं।

अनुलोम विलोम प्राणायाम (Alternate Nostril Breathing)

अनुलोम विलोम प्राणायाम करना बेहद ही फायदेमंद माना जाता है। आप पूरे 9 महीने तक 10 से 15 मिनट तक प्राणायाम कर सकते हैं। अनुलोम विलोम करने से दिमाग शांत होता है और बच्चे तक ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है।

डीप ब्रीदिंग (Deep Breathing)

डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन आप तीनों ट्राइमेस्टर में 5 से 10 मिनट के लिए कर सकते हैं। यह मां और बच्चे के बीच कनेक्शन को मजबूत करता है। स्ट्रेस को कम करता है और प्रेगनेंसी में मूड स्विंग से बचाता है।

प्रेगनेंसी में योग करते समय ध्यान रखें ये बात (Precautions Doing yoga)

  • प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी योगासन को करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • जोरदार योगासन जैसे सर्वांगासन, पद्मासन ना करें।
  • सांस रोकने वाले योगासन ना करें।
  • कभी भी जबरदस्ती स्ट्रेचिंग ना करें।
  • योग करते समय आरामदायक कपड़े पहने और शांत वातावरण में ही योग करें। 

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