
Bans Fried Foods in CBSE in hindi: शिक्षा मंत्रालय की कैंटीन में अब फ्राइड फूड की जगह सुबह के नाश्ते में केवल हेल्दी नाश्ता ही मिलेगा। सीबीएसई की ओर से ये फैसला स्कूली बच्चों की हेल्दी ईटिंग हैबिट्स को विकसित करने के लिए किया गया है। कैंटीन के मेन्यू में बच्चों के लिए पौष्टिक आहार शामिल किया जाएगा ताकि वो दिनभर खुद को एक्टिव फील कर सके। फिलहाल ये बदलाव शास्त्री भवन स्थित शिक्षा मंत्रालय की कैंटीन में किया गया।
सीबीएसई स्कूल के बच्चों के चीनी के सेवन पर नजर रखने के लिए और उसे कम करने के लिए शुगर बोर्ड स्थापिक करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों में बढ़ती टाइप 2 डायबिटीज के मामलों के कारण ऐसा फैसला लिया गया है। कुछ समय पहले तक डायबिटीज की बीमारी बुजुर्गों में पाई जाती थी। वहीं अब बच्चों में भी ये बीमारी घर कर रही है। ऐसे समय में लिया गया ये कदम वाकई सरहनीय है।
साल 2022 में लगभग 828 मिलियन यानी की 22 करोड़ वर्षों में डायबिटीज डायग्नोज किया था जिसमें करीब एक चौथ यानी की 21 करोड़ भारतीय हैं। भारत में बच्चों से लेकर वयस्कों तक में डायबिटीज के केस दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। डायबिटीज को रोकने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी है। अगर कम उम्र से ही बच्चों में हेल्दी हैबिट्स डाली जाएं, तो डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कहीं ना कहीं अधिक वजन और मोटापा भी डायबिटीज को न्यौता देता है। अगर खाने में फ्राइड फूड्स बंद कर दिए जाएं तो स्वास्थ्य में सकारात्मक असर पड़ेगा।
बच्चों में मोटापा अधिक जंक फूड, मीठा और अधिक कैलोरी वाला खाना खाने से बढ़ रहा है। कई बार नींद की कमी और अधिक स्क्रीन टाइम के कारण भी बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। बच्चे हेल्दी खाना खाकर और फिजिकल एक्टिविटी में भाग लेकर खुद को हेल्दी बना सकते हैं। इसके लिए घर के साथ ही स्कूल में निगरानी रखने की जरूरत है।
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