भारत में अब शादी सिर्फ एक जश्न या दावत नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा 'ट्रांसफॉर्मेशन' प्रोजेक्ट बन गई है। शादी के दिन किसी फिल्मी सितारे की तरह पतला और खूबसूरत दिखने के लिए आज के युवा जिम में पसीना बहाने के बजाय खतरनाक शॉर्टकट अपना रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे 'मौन्जारो ब्राइड्स' (Mounjaro Brides) कहा जा रहा है, जो अब एक चिंताजनक ट्रेंड बन चुका है।
जैसे-जैसे शादी की तारीख नजदीक आती है, दूल्हा-दुल्हन में वजन कम करने की होड़ मच जाती है। इसी को भुनाते हुए बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों के वेलनेस क्लीनिक खास ऑफर दे रहे हैं। ये क्लीनिक अब सिर्फ स्किनकेयर ही नहीं, बल्कि 'वेट लॉस इंजेक्शन' को भी अपने 'प्री-वेडिंग पैकेज' में आधिकारिक तौर पर शामिल कर रहे हैं। तस्वीरों में परफेक्ट दिखने के लिए लोग सेहत की परवाह किए बिना ऐसी दवाएं ले रहे हैं।
सामाजिक दबाव और बॉडी शेमिंग: मोटे होने पर शादी के रिश्ते ठुकरा दिए जाने का डर और समाज की आलोचना से बचने के लिए कई लड़कियां यह रास्ता अपना रही हैं।
तुरंत रिजल्ट की चाहत: जिनके पास सख्त डाइट या एक्सरसाइज के लिए वक्त नहीं है, वे सिर्फ 2-3 महीने में पतला होने के लिए इन दवाओं को जादू की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
आकर्षक मार्केटिंग: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इसे एक आसान फिटनेस मंत्र की तरह प्रमोट कर रहे हैं, जिससे युवा गुमराह हो रहे हैं।
दुरुपयोग: मौन्जारो और वेगोवी जैसी दवाएं असल में मोटापा (Obesity) और टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के इलाज के लिए बनाई गई हैं। लेकिन आज इन्हें सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
भारी खर्च: इन इंजेक्शन के एक महीने के कोर्स का खर्च करीब 13,000 से 25,000 रुपये तक आता है।
सेहत पर बुरा असर: डॉक्टर की सख्त निगरानी के बिना इन्हें लेने से जी मिचलाना, पाचन संबंधी समस्याएं और लंबे समय तक चलने वाली स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
कुछ दिनों की चांदनी: इन इंजेक्शन को बंद करने के कुछ ही दिनों में वजन वापस पहले जैसा हो जाता है। कई बार तो हार्मोनल बदलावों के कारण वजन पहले से भी ज्यादा बढ़ सकता है।
डॉक्टर की सलाह
जाने-माने डॉक्टर, डॉ. संदीप खर्ब के मुताबिक, "असली और टिकाऊ तरीके से वजन कम करना सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव से ही मुमकिन है। शादी की तस्वीरों में सुंदर दिखना जरूरी हो सकता है, लेकिन इसके लिए अपनी जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।"
कुछ खास आंकड़े
*एक अनुमान के मुताबिक, 2030 तक भारत में वजन घटाने वाली दवाओं का बाजार करीब 8,000 करोड़ रुपये का हो जाएगा।
*हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, क्लीनिक में आने वाले हर पांच में से एक व्यक्ति शादी के लिए वजन घटाने के शॉर्टकट के बारे में ही पूछता है।
ध्यान दें: कोई भी दवा लेने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है।