National Vaccination Day 2025: पैदा होने के बाद बच्चे को कितने साल तक और कौन-कौन से टीका लगते हैं?

Published : Mar 16, 2025, 10:10 AM IST
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सार

National Vaccination Day 2025: जन्म के बाद बच्चे को बीमारियों से बचाने के लिए कई तरह के वैक्सीन लगाए जाते हैं। पैरेंट्स को इसके बारे में जानना जरूरी होता है।

Vaccine Schedule India: जन्म के तुरंत बाद बच्चे को बेसिलस कैलमेट-गुएरीन (BCG) का टीका लगाया जाता है। इस वैक्सीन से बच्चे को तपेदिक (TB) से बचाया जाता है। भारत में बच्चे को जन्म के बाद बीसीजी के अलावा कई और वैक्सीन दिए जाते हैं, ताकि वो संक्रामक बीमारियों से बचे रहें। यहां पर हम टाइमलाइन के साथ टीके के बारे बताने जा रहे हैं।

जन्म के तुरंत बाद:

BCG (बेसिलस कैलमेट-गुएरीन) – तपेदिक (TB) से बचाव

Hepatitis B (हेपेटाइटिस बी) – हेपेटाइटिस बी संक्रमण से बचाव

बच्चे के जन्म के 6 हफ्ते बाद

DTP (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टसिस) – डिप्थीरिया, टेटनस और खांसी के बचाव के लिए

Polio (IPV - इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन) – पोलियो से बचाव

Hepatitis B (हेपेटाइटिस बी) – दूसरा डोज

Hib (हिब) – हेमॉफिलस इन्फ्लुएंजा ब (Meningitis और Pneumonia से बचाव)

Rotavirus – दस्त और आंतों के संक्रमण से बचाव

बच्चे के जन्म के 10 हफ्ते के बाद:

DTP का तीसरा डोज दिया जाता है।

Polio का तीसरा डोज दिया जाता है।

बच्चे के जन्म के 14 हफ्ते के बाद:

DTP का चौथा डोज बच्चे को लगाया जाता है।

Polio का चौथा डोज बच्चे को दिया जाता है।

Hib का दूसरा डोज बच्चे को दिया जाता है।

9 महीने के बाद बच्चे के लिए वैक्सीन

Measles (खसरा) – खसरा से बचाव

Rubella (रूबेला) – रूबेला से बचाव

12 महीने के बाद बच्चे को दिया जाता है ये वैक्सीन

Hepatitis A – हेपेटाइटिस A से बचाव (यह वैक्सीनेशन जरूरी नहीं है, लेकिन इसे कुछ राज्यों में दिया जाता है)

16-18 महीने के बाद के वैक्सीन

DTP का पांचवा डोज बच्चे को दिया जाता है।

Polio का पांचवां डोज बच्चे को पिलाया जाता है।

Hib का तीसरा डोज दिया जाता है।

2 साल के बाद बच्चे के लिए तय वैक्सीन

Measles-Rubella (खसरा-रूबेला)

Hepatitis A (दूसरा डोज)

5 साल के बाद

DTP (बूस्टर डोज)

Polio (बूस्टर डोज)

10 साल के बाद 

TT (टेटनस टॉक्साइड) – हर 10 साल बाद बूस्टर डोज

यह सामान्य वैक्सीनेशन की लिस्ट है। इसके अलावा भी अब कई तरह के वैक्सीन बच्चे को लगाए जाते हैं। बच्चों को निर्धारित समय पर इन टीकों का लगवाना बेहद जरूरी है ताकि वे गंभीर बीमारियों से बच सकें।

 

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