
हेल्थ डेस्क: एक नई स्टडी में ये बात सामने आई है कि अगर समय-समय पर सिंपल ब्लड टेस्ट कराया जाए तो भविष्य में दिल की बीमारी के रिस्क के बारे में पता चल जाता है। न्यू इंग्लैंड ऑफ मेडिसिन में इस संबंध में एक शोध किया गया। बोस्टन में स्टडी से जुड़े लेखक और डॉ. पॉल रिडकर ने जानकारी दी कि हमारे पास ऐसे बायोमार्कर हैं जो भविष्य में होने वाली बीमारियों के जोखिम के बारे में बताते हैं।
महिलाओं में की गई ब्लड टेस्ट स्टडी
स्टडी में यूएस की 30,000 महिलाओं को शामिल किया गया। इन सभी महिलाओं की एवरेज एज 55 साल थी। सांइटिस्ट ने बताया कि उनमें से करीब 13% यानी 3,600 महिलाओं को कभी न कभी हार्ट अटैक या फिर स्ट्रोक की समस्या हुई थी। उन महिलाओं को या तो सर्जरी का सामना करना पड़ा था फिर कुछ लोगों की मृत्यु हो गई।
स्टडी की शुरुआत में महिलाओं ने LDL कोलेस्ट्रॉल और C रिएक्टिव प्रोटीन को नापने के लिए ब्लड टेस्ट करवाया। टेस्ट की मदद से अगले 30 सालों के हार्ट संबंधी बीमारियों के खतरों के बारे में भी जानकारी मिली।
ब्लड टेस्ट का क्या मिला रिजल्ट
जिन महिलाओं की ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में LDL कोलेस्ट्रॉल अधिक था उन्हें कम स्तर कोलेस्ट्रॉल वाली महिलाओं की अपेक्षा हार्ट का जोखिम 36% तक अधिक था। वहीं CRP के हाई रेट वाली महिलाओं में दिल की बीमारी का जोखिम 70% अधिक था। स्टडी से ये बात सामने आई कि सिंपल से ब्लड टेस्ट की मदद से लोगों को भविष्य में दिल की बीमारी की चपेट में आने की संभावना के बारे में पता चलता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल से बढ़ती है स्ट्रोक की संभावना
ब्लड टेस्ट रिपोर्ट की मदद से ये भी पता चला कि जिन महिलाओं को अधिक कोलेस्ट्रॉल और CRP हाई था उन्हें 1.5 गुना अधिक स्ट्रोक का खतरा था। वहीं कम कोलेस्ट्रॉल वाली महिलाओं में दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा कम था।
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