लोकल मार्केट में खरीदारी का मजा ही अलग होता है वैरायटी ज्यादा, दाम कम और मोलभाव की पूरी गुंजाइश। लेकिन बहुत से लोग चाहते हुए भी सही तरीके से बार्गेनिंग नहीं कर पाते और वही चीज ज्यादा दाम में खरीद लेते हैं। असल में मोलभाव कोई लड़ाई नहीं, बल्कि एक स्मार्ट बातचीत है। अगर सही ट्रिक्स अपनाई जाएं, तो बिना बहस किए भी सस्ती खरीदारी की जा सकती है।
दो-तीन दुकानों के रेट पूछें
सबसे पहला और सबसे काम का टिप है खरीदने से पहले मार्केट का एक चक्कर लगाना। लोकल बाजार में एक ही सामान कई दुकानों पर मिलता है, लेकिन दाम अलग-अलग होते हैं। अगर आप पहली दुकान पर ही खरीदने का मन बना लेंगी, तो मोलभाव करने की पोजिशन कमजोर हो जाती है। दो-तीन दुकानों के रेट पूछने के बाद जब आप वापस आती हैं, तो दुकानदार भी समझ जाता है कि आप समझदार खरीदार हैं।