उठो प्रकृति ने तुम्हें जीने के लिए सभी हथियार दिए हैं - बिरसा मुंडा
जल, जंगल और जमीन का नारा दिया, अंग्रेजी लगान के विरुद्ध आंदोलन किया, मुंडाओं को संगठित कर उनकी चेतना जगाई, अंग्रेजों को हराकर अपनी ताकत दिखाई।
आदिवासी समाज के जननायक, पीड़ित एवं शोषित के सहायक, आपको शत-शत नमन है हमारा दशों दिशाओं में गूंजे आपका जयकारा।
इतनी कम उम्र में क्रांति की ऐसी अलख जगा गए, सोये हुए आदिवासी समाज को अत्याचार के खिलाफ लड़ना सिखा गए।
अप्राकृतिक ताकतों के खिलाफ एकजुट हो जाओ - बिरसा मुंडा
हर अन्याय के खिलाफ उलगुलान, यही पुरखों का रास्ता है- बिरसा मुंडा
यदि हमें देश का वास्तविक विकास करना है तो, हमें सभी धर्म व जाति के लोगों को साथ लेकर चलना होगा- बिरसा मुंडा
हमें अपनी मूल आदिवासी संस्कृति कभी नहीं भूलनी चाहिए- बिरसा मुंडा
एक सैनिक का नैतिक धर्म यही होता है, देश के लिए कुर्बान हो जाना-बिरसा मुंडा
जितना मैं आदिवासी समाज के उत्थान के लिए चिंतित हूं, उससे दुगना समाज मेरे लिए चिंतित है- बिरसा मुंडा
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Deepali Virk