घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कांच या शीशे का उपयोग करते समय वास्तु के नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। गलत दिशा में लगा शीशा नुकसानदेह हो सकता है, जानें वास्तु एक्सपर्ट की राय।
घर के एक्सटीरियर में कांच या मिरर का उपयोग आजकल तेजी से लोग खूबसूरती बढ़ाने या आधुनिक डिजाइन देने के लिए कर रहे हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसे लगाते वक्त सही दिशा, उपयोग और उद्देश्य पर निर्भर करता है। आचार्य पंकित गोयल का मानना है कि घर में दर्पण लगाने का सही स्थान और दिशा बेहद महत्वपूर्ण है। गलत जगह पर लगाए गए दर्पण वास्तु दोष और आर्थिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। आइए जानें वास्तु एक्सपर्ट पंकित गोयल के अनुसार इसके फायदे और नुकसान:
घर के Exterior में शीशा लगाना शुभ या अशुभ?
1. सही दिशा का चयन महत्वपूर्ण
उत्तर, पूर्व और पश्चिम में दर्पण लगाना शुभ
ये दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं और घर में शांति व समृद्धि लाती हैं।
इन दिशाओं में दर्पण लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
उत्तर दिशा में दर्पण धन और समृद्धि को आकर्षित करने में सहायक होता है।
2. दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम में दर्पण लगाने से बचें
दक्षिण (साउथ) और पश्चिम (वेस्ट) दिशा में मिरर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।
ये दिशाएं घर में संघर्ष, तनाव और आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकती हैं।
इन दिशाओं में दर्पण लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आर्थिक नुकसान और पारिवारिक समस्याएं भी हो सकती हैं।
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