लाइफस्टाइल : इस साल 22 -30 मार्च 2023 तक चैत्र नवरात्रि मनाई जाएगी। नवरात्रि के 9 दिनों में माता रानी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और उन्हें अलग-अलग भोग लगाए जाते हैं। ऐसे में हम आपको बताते हैं 9 दिन आप मां को क्या भोग अर्पित कर सकते हैं…
पहला दिन नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जो हमें रोगों से मुक्ति दिलाती हैं और बीमारियों से दूर रखती हैं। ऐसे में आप शैलपुत्री मां को सफेद चीजों का भोग लगाएं. आप दूध या चीनी से बनी कोई चीज या सफेद पेड़े या फिर सफेद रसगुल्ले का भोग उन्हें लगा सकते हैं।
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दूसरा दिन नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की जाती है। उन्हें चीनी और पंचामृत का भोग जरूर लगाया जाता है। इसके अलावा आप उन्हें किसी फल या फिर मिठाई का भोग भी लगा सकते हैं।
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तीसरा दिन नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाती है। उन्हें दूध से बनी चीजें अधिक प्रिय होती है। ऐसे में आप उनके लिए दूध से कोई मिष्ठान बना सकते हैं या फिर बाजार से दूध की कोई मिठाई उन्हें भोग लगा सकते हैं।
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चौथा दिन चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि उन्हें मालपुआ खाना बहुत पसंद है। ऐसे में आप नवरात्रि के पांचवे दिन मालपुए का भोग लगाएं और उसके बाद इस प्रसाद को ब्राह्मण को दान दे दें और घर में सभी लोगों को भी इसका सेवन करें।
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पांचवा दिन नवरात्रि की पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। उन्हें केले का भोग अति प्रिय होता है। ऐसे में आप उन्हें केले का भोग लगा सकते हैं या केले से किसी प्रकार का कोई व्यंजन बना सकते हैं।
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छठवां दिन नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी देवी की पूजा अर्चना की जाती है। उन्हें शहद से बनी चीजों का भोग जरूर लगाया जाता है। कहते हैं कि मां को शहद अति प्रिय होता है। ऐसे में आप उन्हें शहद से कोई व्यंजन बनाकर अर्पित कर सकते हैं।
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सातवां दिन नवरात्रि में सप्तमी के दिन मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। मां को प्रसन्न करने के लिए गुड़ का भोग जरूर लगाया जाता है और बाद में इसे ब्राह्मण को दान कर दिया जाता है।
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आठवां दिन नवरात्रि के आठवें दिन यानी की अष्टमी को मां महागौरी की पूजा अर्चना होती है। इस दौरान आप उन्हें नारियल से बनी चीजों का भोग जरूर लगाएं।
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नौवां दिन नवरात्रि के अंतिम दिन यानी कि नवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है और हवन करने के बाद उन्हें हलवा, चना, पूरी, खीर और पुए का भोग लगाया जाता है। उसके बाद यह भोजन 9 कन्याओं को खिलाया जाता है।