
छठ पूजा भारत के सबसे पवित्र और पारंपरिक व्रतों में से एक है, जो सूर्य भगवान और छठी मइया को समर्पित होता है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि शुद्धता, संयम और आस्था का प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाली इस पूजा में हर सामग्री का एक विशेष धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व होता है। अगर आप पहली बार छठ कर रही हैं या यह जानना चाहती हैं कि छठ पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट क्या है और क्यों जरूरी है, तो यहां जानें छठ पूजा सामग्री लिस्ट की पूरी गाइड।
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पूजा के बर्तन में सूप और डलिया, जो बांस का बना हुआ हो। इसमें पूजा की सामग्री और प्रसाद रखा जाता है। साथ में लोटा और कलश जिसे जल अर्पण के लिए उपयोग किया जाता है। थाली और दिया रखें, जो सूर्य भगवान को अर्घ्य देते समय इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा लाल या पीला कपड़ा, जो पूजा सामग्री ढकने के लिए हो।
12 या 24 केले रखें। यह पवित्र फल सूर्य भगवान को अर्पित किया जाता है। साथ में दो या पांच गन्ना लें, जो छठी मइया का प्रिय, इसे छठ घाट पर खड़ा रखा जाता है। साथ में नारियल, सेब, अमरूद, नारंगी, अनार, नींबू, सिंघाड़ा, मूली, शकरकंद, अदरक लें। वहीं नई फसलों में धान या गेहूं की बालियां, जो प्रकृति के आभार को दिखलाती जाती हैं।
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सूर्य अर्घ्य के लिए दूध, गंगाजल, चावल, फूल, सिंदूर, दीपक रखें। आंचल या चुनरी लें ताकि अर्घ्य देते समय सिर ढकने के लिए काम आए। घी का दीपक रखें, जो जल और दीपक से सूर्य को अर्पण किया जाता है।
सिल्क या कॉटन की नई साड़ी खरीदें। व्रती इसे पूरे चार दिन पहनती हैं। पारंपरिक सुहाग की निशानी में सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मांग टीका, पायल लें। घाट पर पूजा के समय अर्पण के लिए बांस की टोकरी सेट 3 या 5।
छठ पूजा सिर्फ एक धार्मिक कर्मकांड नहीं है, बल्कि यह सूर्य की ऊर्जा, जल तत्व और मानव शरीर के संतुलन का उत्सव है। पूजा में किसी भी प्लास्टिक सामग्री का उपयोग न करें। साथ ही व्रती को नमक, प्याज, लहसुन से परहेज करना होता है।
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