
लाइफस्टाइल डेस्क: मानव शरीर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली चीजो में नाखून और बाल शामिल हैं। ये दोनों लगातार बढ़ते रहते हैं, इसलिए हर महीने बाल कटवाने सैलून जाना ज़रूरी होता है। महिलाएं अक्सर मन्नत पूरी होने पर अपने बाल दान करती हैं। लेकिन ये बाल कहां जाते हैं? इनका उपयोग क्यों किया जाता है, क्या आपने कभी सोचा है? आइए जानते हैं इसके पीछे के कुछ रोचक तथ्य।
क्या आप जानते हैं कि बेकार समझे जाने वाले मानव बालों का करोड़ों का व्यापार होता है? बाजार में बालों की अच्छी मांग होती है। बालों की गुणवत्ता और लंबाई के आधार पर उनकी कीमत तय की जाती है। खासतौर पर महिलाओं के कंघी करते समय झड़ने वाले बालों को ज़्यादा खरीदा जाता है। महिलाओं के बाल लंबे होते हैं, इसलिए इनकी मांग ज़्यादा होती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों के बाल महिलाओं के बालों की तुलना में मज़बूत होते हैं।
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वर्तमान में बाजार में बालों की अच्छी मांग है। आमतौर पर 8 से 12 इंच लंबे बालों की कीमत 8 से 10 हजार रुपये प्रति किलो होती है। यह कीमत बालों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इन बालों का क्या किया जाता है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। इन बालों से विग बनाए जाते हैं। पुरुषों के बालों का इस्तेमाल समुद्र में जहाजों को लंगर डालने के लिए किया जाता है। पुरुषों के बाल मजबूत होते हैं और पानी में नहीं गलते, इसलिए इनसे बनी रस्सी का उपयोग लंगर डालने के लिए किया जाता है। यही कारण है कि बालों की इतनी मांग है।
आंकड़े बताते हैं कि अन्य देशों की तुलना में भारत में बालों का करोड़ों रुपये का व्यापार होता है। इसके कई कारण हैं। भारतीय महिलाएं आज भी लंबे बालों को महत्व देती हैं। साथ ही, भारतीय महिलाओं के बालों की गुणवत्ता भी एक कारण है। इसका मुख्य कारण है कि यहां रसायनों का कम इस्तेमाल होता है। भारत से बाल मुख्य रूप से चीन, मलेशिया, थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव और बर्मा को निर्यात किए जाते हैं। बालों के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा मंदिरों से एकत्र किए गए बालों का होता है।
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