
लाइफस्टाइल डेस्क: पूरी दुनिया में लड़कियों को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए, लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए हर साल 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस यानी कि इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे मनाया जाता है। इसमें गर्ल चाइल्ड एजुकेशन, लड़कियों की हेल्थ, उनका करियर आदि चीजों पर जोर दिया जाता है, ताकि हम हमारे देश की लड़कियों को आगे बढ़ा सके और पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के शिक्षा का स्तर भी बेहतर कर सकें।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का इतिहास
इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे की शुरुआत सबसे पहले 2012 में हुई थी, तब लड़कियों को बराबरी का दर्जा दिलाने सहित उनसे जुड़े अन्य मुद्दों पर लोगों को जागरूक किया गया था। 19 दिसंबर 2011 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने लड़कियों के अधिकारों और दुनिया भर में लड़कियों के सामने आने वाली चुनौतियों को पहचानने के लिए 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की घोषणा की थी। इससे पहले 1995 में बीजिंग, चीन में महिलाओं पर विश्व सम्मेलन हुआ था, जिसमें कई देशों ने सर्वसम्मति से महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए पॉजिटिव रुख अपनाया था।
इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे 2023 थीम
इस साल अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2023 का विषय है- लड़कियों के अधिकारों में निवेश: हमारा नेतृत्व, हमारा कल्याण
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य दुनिया भर में लड़कियों के प्रति आवाज को सशक्त करना है। महिलाओं के सामने आने वाली चुनौती और उनके अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि यह लिंग आधारित चुनौतियों को खत्म करता है, जिसका सामना दुनिया भर की लड़कियां करती हैं और इसमें बाल विवाह, उनके प्रति भेदभाव और शारीरिक और मानसिक हिंसा तक शामिल होती है।
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