
समय के साथ तकिए पीले पड़ने लगते हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह पसीना होती है। पसीने के कारण तकियों में न सिर्फ दाग लगते हैं, बल्कि यह बैक्टीरिया पनपने की जगह भी बन सकते हैं। कुछ मामलों में ये बेड बग्स के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार कर देते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तकियों को साल में कम से कम दो बार धोना जरूरी है। वहीं, अगर किसी को एलर्जी है या घर में पालतू जानवर हैं, तो इन्हें और ज्यादा बार साफ करना चाहिए।
अक्सर लोग तकियों को सीधे वॉशिंग मशीन में डाल देते हैं, लेकिन ऐसा करने से तकिए का शेप खराब हो सकता है और वह जल्दी खराब भी हो जाते हैं। दो घरेलू चीजों के इस्तेमाल से हैं आप क्लीनिंग सॉल्यूशन बना सकते हैं। वो दो चीज है, बेकिंग सोडा और सफेद सिरका। दोनों को मिलाकर आप तकिये पर पड़े पीले दाग को हटा सकते हैं।
सबसे पहले तकिए से कवर और प्रोटेक्टर हटा दें। अब पूरे तकिए पर, दोनों साइड, बेकिंग सोडा अच्छी तरह छिड़क दें। इसके बाद स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में पानी और सफेद सिरका मिलाएं। इस घोल को तकिए पर अच्छी तरह स्प्रे करें। तकिए को ऐसे ही 30 मिनट के लिए छोड़ दें। तय समय के बाद वैक्यूम क्लीनर से बेकिंग सोडा और जमी गंदगी साफ कर लें।
अगर मौसम साथ दे, तो तकिए को धूप में सुखाना सबसे बेहतर होता है। सूरज की रोशनी में प्राकृतिक डिसइंफेक्टेंट गुण होते हैं, जो बदबू और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तकियों को सुखाते समय उन्हें फ्लफ करते रहें और पलटते रहें, ताकि दोनों तरफ से अच्छे से साफ और ड्राय हो सकें।
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हालांकि तकियों में बैक्टीरिया होना सुनने में डरावना लग सकता है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार ज्यादातर बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते। कुछ बैक्टीरिया तो शरीर को नुकसानदेह कीटाणुओं से बचाने में भी मदद करते हैं।
सिंथेटिक तकिए: हर 3 से 6 महीने में
एलर्जी या पालतू जानवर होने पर: इससे भी ज्यादा बार
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