Best Soil Mix for Plants: मानसून में पौधों की तेजी से ग्रोथ और हरी-भरी पत्तियों के लिए मिट्टी में वर्मीकम्पोस्ट, नीम खली, केले के छिलके, सरसों की खली और लकड़ी की राख जैसी 5 नेचुरल चीजें मिलाएं। जानिए इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका और फायदे।
बारिश के मौसम में भी अगर पौधे पीले पड़ रहे हैं, तो उनमें सही खाद का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। आप किचन के वेस्ट जैसे सब्जी और फलों के छिलकों से बनी कंपोस्ट मिट्टी पौधों में डाल सकते हैं। इसमें मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहती है और पौधे के पत्ते पीले नहीं पड़ते। 20-30 दिन में एक मुट्ठी कंपोस्ट मिट्टी में मिलाएं और हल्की सिंचाई करें।
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वर्मीकम्पोस्ट का करें इस्तेमाल
केंचुआ खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिट्टी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है ये पौधों की ग्रोथ के लिए अच्छी ऑर्गेनिक खाद मानी जाती है।इट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम और कई सूक्ष्म पोषक तत्व इसे फर्टाइल बनाने का काम करते हैं। आप 8 से 10 इंच के गमले में 2–3 मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट मिलाकर पौधों को हरा-भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
मानसून में मिट्टी में फंगस, दीमक और कीड़े को कम करने और पौधे को हरा भरा बनाने के लिए नीम या सरसो की खली का इस्तेमाल किया जा सकता है। घर में नीम की खली बनाना मुश्किल होता है इसलिए मार्केट से इसे खरीदें। वहीं सससों की खली सरसों का तेल निकालने के बाद निकलती है। आप ऐसी दुकानों से सरसों की खली ले सकते हैं।
बारिश में भी अगर पौधे पीले पड़ रहे हैं, तो आपको केले के छिलकों का इस्तेमाल करना चाहिए। छिलकों को काटकर पानी में मिलाएं और करीब 15 दिन तक रखें और साथ ही हिलाते रहें। ऐसा करने से ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर बन जाता है। आप चाहे तो केले के छिलकों को सुखाकर उसका पाउडर भी बना सकती हैं।
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मिट्टी की गुड़ाई के साथ ड्रेनेज
बारिश के कारण मिट्टी सख्त हो जाती है और जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचने में समस्या होती है। ऐसे में पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती है। इससे बचने का उपाय है कि समय-समय पर आप मिट्टी की गुड़ाई करें और प्लांटर में ड्रेनेज को अच्छे से चेक कर लें।
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