1-2 नहीं इस गांव में पैदा हुए 500 से ज्यादा जुड़वा बच्चे, डॉक्टर भी पता नहीं लगा पाए वजह

Published : Nov 07, 2022, 07:43 AM IST
1-2 नहीं इस गांव में पैदा हुए 500 से ज्यादा जुड़वा बच्चे, डॉक्टर भी पता नहीं लगा पाए वजह

सार

भारत में हर राज्य और जगह की अपनी खासियत होती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताते हैं, जिसे जुड़वा बच्चों का गांव कहा जाता है, क्योंकि यहां सबसे ज्यादा हमशक्ल बच्चे पैदा होते हैं।

लाइफस्टाइल डेस्क : दुनिया में आए दिन ना जाने कितने बच्चे पैदा होते हैं। जिनमें से कुछ जुड़वा बच्चे भी होते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रति 1 हजार में से 6 जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं। लेकिन आज हम भारत के ऐसे गांव की कहानी आपको बताते हैं जिसे God's Own Twin Village कहा जाता है यानी कि भगवान का बनाया हुआ है ऐसा गांव जहां पर जुड़वा बच्चे ही जन्म लेते हैं। दरअसल, इस गांव में लगभग 2000 परिवार रहते हैं, जिनमें से 550 से ज्यादा लोग तो जुड़वा ही हैं। इतना ही नहीं कुछ परिवार तो ऐसे हैं जहां पर दो से तीन बार जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया है। तो चलिए आपको बताते भारत में यह गांव कहां स्थित है और कहां पर इतने सारे जुड़वा बच्चे पैदा हो रहे हैं...

जुड़वा बच्चों का गांव 
केरल के मलप्पुरम जिले का कोडिन्ही गांव भारत का एकमात्र ऐसा गांव है, जहां पर जुड़वा बच्चे पैदा होने का रिकॉर्ड बना है। एक रिपोर्ट के अनुसार केरल इस गांव में प्रति 1000 बच्चों में से 42 जुड़वा बच्चे पैदा हो रहे हैं, जबकि पूरी दुनिया में यह औसत 1000 में मात्र 6 का है। अधिकारिक आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो साल 2008 के आंकड़ों के मुताबिक यहां पर 280 जुड़वा बच्चे थे और अब यह आंकड़ा 550 से ज्यादा हो गया है। बताया जाता है कि यहां एक स्कूल में 80 जुड़वा बच्चे पढ़ते हैं।

हमशकल बच्चों पर हुई रिसर्च 
भारत के इस गांव में दुनिया से 7 गुना ज्यादा जुड़वा बच्चे पैदा होने पर कई सारी रिसर्च की गई। भारत, जर्मनी और ब्रिटेन के शोधकर्ताओं की टीम ने लोगों के थूक के सैंपल, उनकी स्किन, उनकी कद काठी पर कई रिसर्च की है, लेकिन अभी भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कुछ सामने नहीं आया है। इतना ही नहीं हैरानी की बात तो यह है कि यहां इंसानों के अलावा जानवर भी जुड़वा बच्चों को जन्म देते हैं।

क्या है लोगों का मानना 
गांव वालों का कहना है कि जुड़वा बच्चे पैदा होने के मामले 70 साल पहले से शुरू हुए थे। इस गांव का सबसे बुजुर्ग जुड़वा शख्स 66 वर्षीय अब्दुल हमीद और उनकी जुड़वा बहन कुन्ही कदिया है। कहा जाता है कि उन्हीं के बाद से गांव में जुड़वा बच्चे पैदा होने का सिलसिला शुरू हुआ। कुछ वैज्ञानिकों ने यह तर्क भी दिया था कि इस गांव के हवा पानी और खानपान में कुछ ऐसा है जिससे यहां जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं। लेकिन बाद में इस तर्क को भी खारिज कर दिया गया। आज भी यहां जुड़वा बच्चे पैदा होना एक पहेली ही है।

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