
Breakup Fear Story: कई बार सबकुछ रिश्ते में ठीक चल रहा होता है, लेकिन एक अंदरूनी डर अचानक दस्तक दे जाती है। वो डर है कि कहीं कुछ गलत ना हो जाए। रिश्ता कहीं टूट ना जाए। इस स्टोरी में भी कुछ ऐसा ही है। 24 साल के युवक ने इसी डर को रेडिट पर शेयर करके पूछा कि कैसे खुद के अंदर पल रहे ब्रेकअप के डर को संभालूं। तो चलिए पूरा माजरा बताते हैं।
रेडिट पर युवक ने स्टोरी शेयर करते हुए लिखा, 'मैं 24 साल का हूं और मेरी गर्लफ्रेंड 21 की। हमारा रिश्ता 1.5 साल से चल रहा है। सच कहूं तो रिश्ता बेहतरीन है, हेल्दी, प्यार भरा, एक-दूसरे के साथ समय बिताना अच्छा लगता है, लाइफ गोल्स भी मिलते-जुलते हैं। सब कुछ अच्छा चल रहा था… जब तक मेरे अंदर एक अजीब सा डर पैदा नहीं हुआ।
युवक ने आगे लिखा,'मैं 24 साल की उम्र तक वर्जिन था। छोटे शहर में पला-बढ़ा, जहां मेरे जैसे रुचि और सोच वाले लोग कम ही मिलते थे। इसलिए लड़कियों से जुड़ना, या डेटिंग लाइफ जीना, कभी आसान नहीं रहा। मैंने अपना ध्यान करियर और पैसे कमाने पर लगाया। फिर दोस्तों के साथ दूसरी सिटी घूमने गया और वहीं मेरी लाइफ बदलने लगी। ट्रिप के दौरान मेरा पैर टूट गया, सब प्लान बिगड़ गए। लेकिन उसी शहर में एक लड़की से बात शुरू हुई। चोट के कारण हम तब नहीं मिल सके, मगर घर वापस लौटने के बाद बात जारी रही। यह पहली बार हुआ कि कोई लड़की इतने देर तक मुझसे बात करती रही।
कुछ महीने बाद मैं फिर उससे मिलने गया। हमने 5 दिन साथ बिताए, और सब कुछ नेचुरल, खूबसूरत और खास लगा। वहीं, हम फिजिकल भी हुए। लड़की यानी गर्लफ्रेंड हमेशा बहुत क्लियर और कॉन्फिडेंट रहती है। मैं अपने भीतर का डर उससे कभी बोल नहीं पाया। मुझे लगा कि अगर मैं पूरी कोशिश करूं, तो रिश्ता खुद-ब-खुद चल जाएगा। ये डेढ़ साल तक चला भी। लेकिन 1-2 महीने पहले मेरी आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई। और उसी के साथ मेरे अंदर डाउट्स और इनसिक्योरिटी गहराने लगी है। वह कभी पैसे नहीं मांगती है और ना कुछ चाहती है। लेकिन मैं हमेशा चाहता हूं कि उसे बेस्ट दूं। आज जब मैं ऐसा नहीं कर पा रहा, तो खुद के ही सामने शर्मिंदगी महसूस होती है।\
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मैंने कभी किसी और को मौका नहीं दिया, किसी और को जाना ही नहीं… तो क्या मैं सच में जानता हूं कि मुझे क्या चाहिए? अगर मैं आगे भी इन सवालों में फंसा रहा, तो कहीं मैं 2-3 साल बाद यही सोचकर रिश्ता खत्म न कर दूं? तब तो और भी बड़ा नुकसान होगा। सबसे बड़ी बात है कि इस रिश्ते में कोई कमी नहीं है। लड़की अच्छी इंसान, पत्नी जैसी, साथी जैसी और भविष्य जैरी है। मैं उसके साथ कंफर्टेबल रहता हूं। लेकिन मेरे अंदर की असुरक्षा और अनिश्चितता मुझे खा रही है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इससे बार कैसे निकलूं।
इस डर से निकलने के लिए युवक को सबसे पहले अपनी इमोशनल उलझन को समझना होगा, न कि रिश्ते पर शक करना। यह डर असल में ब्रेकअप का नहीं, बल्कि खुद को खो देने, गलत फैसला लेने और आर्थिक असुरक्षा का है। समाधान रिश्ते को खत्म करना नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं के बारे में पार्टनर से ईमानदारी से बात करना है। जब वह अपनी चिंताएं, पैसे की टेंशन, आत्मविश्वास की कमी और कम अनुभव खुलकर बताएगा, तभी मन का बोझ हल्का होगा। आप डर निकालने के लिए थेरेपी भी ले सकते हैं।
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