
Mother's Day 2025: मां एक एहसास है जो हर बच्चों के अंदर होती है। एक बच्चे की जिंदगी मां से शुरू होती है और उसपर ही निर्भर रहती है। तन भले ही दोनों के अलग होते हैं, लेकिन मन,आत्मा एक दूसरे से ही जुड़े होते हैं। मां की मेहरबानी को सेलिब्रेट करने के लिए मदर्स डे मनाया जाता है। मई के सेकंड रविवार को इसे मनाया जाता है। 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने मदर्स डे मनाने की आधिकारिक तौर पर मान्यता दी थी। आइए जानते हैं कि क्यों मई के दूसरे सप्ताह के रविवार को इसे मनाया जाता है।
एना जार्विस ने अपनी मां की याद में मनाया मदर्स डे
मदर्स डे की शुरुआत अमेरिका से हुई। इसकी जननी मानी जाती हैं एना जार्विस (Anna Jarvis) जिन्होंने सबसे पहले 1908 में यह दिन अपनी मां की याद में मनाया। एना की मां एन रीव्स जार्विस एक सोशल वर्क थी और उन्होंने महिलाओं और बच्चों के हेल्थ के लिए कई काम किए थे।
एना चाहती थी कि उनकी मां की निस्वार्थ सेवा और बलिदान के लिए एक दिन समर्पित किया जाए। इसके लिए उन्होंने लंबे वक्त तक अभियान चलाया। जिसके बाद 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन (Woodrow Wilson) ने मई के दूसरे रविवार को राष्ट्रीय मदर्स डे के रूप में घोषित कर दिया।
मई का दूसरा रविवार ही क्यों?
एना जार्विस की मां एन रीव्स जार्विस की मृत्यु मई के दूसरे रविवार को हुई थी। इसलिए इस दिन को चुना गया। अमेरिका से निकलकर यह दिन पूरी दुनिया में फेमस हो गया।
मदर्स डे महज एक दिन का नहीं है, बल्कि मां के प्रेम, बलिदान और देखभाल के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए हर दिन भी काफी नहीं हैं। बावूजद इसके हम सभी को इस दिन को मना चाहिए। मां को स्पेशल महसूस कराने के लिए गिफ्ट देना चाहिए। उनके साथ वक्त गुजारना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि वो आपकी जिंदगी में सबसे खास जगह रखती हैं। उनके बिना जिंदगी अधूरी है।
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