
इतने सालों से दूसरे देशों में चल रहा 'वाइफ स्वैपिंग' या पत्नियों की अदला-बदली का चलन अब भारत में भी आ गया है। इसकी वजह से कुछ तलाक भी हुए हैं। एक्ट्रेस करिश्मा कपूर भी इसी से तंग आकर तलाक ले चुकी हैं। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दो या उससे ज़्यादा शादीशुदा जोड़े आपसी सहमति से अपनी यौन इच्छाओं के लिए कुछ समय के लिए अपने पार्टनर बदल लेते हैं। विदेशों में इसे 'स्विंगिंग' कहा जाता है। भारत में आज भी यह एक टैबू और अनैतिक विषय माना जाता है।
आमतौर पर, एक जैसी सोच वाले कपल्स पार्टी करते हैं या ऑनलाइन क्लब में मिलते हैं। इस काम के लिए दोनों कपल्स की 'आपसी सहमति' होनी चाहिए। यह सब तभी होता है जब दोनों पार्टनर्स की पूरी रज़ामंदी हो। पार्टी में कार की चाबियों को एक टोकरी में डाला जाता है, फिर आँखें बंद करके चाबी निकालनी होती है। जिस पुरुष की कार की चाबी किसी और को मिलती है, उस पुरुष की पत्नी को चाबी पाने वाले के साथ जाना पड़ता है। इसमें कोई इमोशनल भावनाएँ नहीं होतीं, यह सिर्फ एक रात के लिए होता है।
शादीशुदा ज़िंदगी में होने वाली बोरियत को दूर करने और नए तरह का यौन अनुभव पाने के लिए लोग यह रास्ता अपनाते हैं। लेकिन, यह बात सब पर लागू नहीं होती।
व्यभिचार (Adultery): 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने IPC की धारा 497 को खत्म कर दिया था। अब भारत में व्यभिचार कोई क्रिमिनल अपराध नहीं है।
तलाक का आधार: भले ही व्यभिचार अपराध न हो, लेकिन अगर कोई पार्टनर अपनी सहमति के बिना ऐसा कुछ करता है, तो इसे तलाक के लिए एक मज़बूत वजह माना जा सकता है।
ज़बरदस्ती अदला-बदली: अगर कोई पति अपनी पत्नी को उसकी मर्ज़ी के खिलाफ पत्नियों की अदला-बदली के लिए मजबूर करता है, तो यह 'क्रूरता' और 'रेप' के दायरे में आएगा।