
Trip Expense Mistakes: गर्मी और छुट्टियों का मौसम आते ही लोग फैमिली के साथ पहाड़ों की तरफ घूमने का प्लान बनाने लगते हैं। लेकिन कई बार ट्रिप खत्म होने के बाद असली झटका तब लगता है, जब खर्च का हिसाब सामने आता है। होटल, खाने, ट्रांसपोर्ट और छोटी-छोटी चीजें मिलकर बजट को काफी बढ़ा देती हैं, जहां आप दस हजार खर्च करने वाले होते हैं, वहां 15-20 हजार तक खर्च हो जाते हैं। अक्सर लोग कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिनकी वजह से ट्रैवल खर्च जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है। अगर आप भी हिल स्टेशन ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो इन 5 गलतियों से बचना जरूरी है।
कई लोग सोचते हैं कि मौके पर होटल या टैक्सी मिल जाएगी, लेकिन पीक सीजन में यही गलती सबसे महंगी पड़ सकती है। हिल स्टेशनों पर छुट्टियों के समय होटल रूम के दाम तेजी से बढ़ जाते हैं। वहीं, आखिरी समय की बुकिंग में ऑप्शन भी कम मिलते हैं। पहले से होटल, बस या ट्रेन टिकट बुक करने से अच्छे रेट और डिस्काउंट मिल सकते हैं। इसलिए छुट्टी प्लान करने के बाद तुरंत होटल और टिकट बुक कर लें, ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसा बचा सकें।
अगर आप गर्मी की छुट्टियों, लंबे वीकेंड या त्योहारों के दौरान हिल स्टेशन जा रहे हैं, तो ट्रैवल बजट बढ़ना तय है। इन दिनों होटल, कैब और फूड सबकुछ महंगे हो जाते हैं। ऑफ सीजन या वीकडेज में ट्रिप प्लान करने से खर्च काफी कम किया जा सकता है। साथ ही भीड़ कम होने से घूमने का एक्सपीरियंस भी बेहतर रहता है।
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हिल स्टेशनों पर लोकल टैक्सी का किराया कई बार उम्मीद से ज्यादा होता है। छोटी दूरी के लिए भी लोग कैब बुक कर लेते हैं, जिससे खर्च बढ़ जाता है। जहां संभव हो वहां पैदल घूमना, शेयर टैक्सी लेना या लोकल ट्रांसपोर्ट यूज करें, जो ज्यादा किफायती साबित होता है। इससे बजट भी कंट्रोल में रहता है और जगह को अच्छे से एक्सप्लोर कर सकते हैं।
घूमने के दौरान लोग कैफे, रेस्टोरेंट और स्नैक्स पर ज्यादा खर्च कर देते हैं। हिल स्टेशनों के टूरिस्ट स्पॉट पर खाने की कीमतें आम जगहों से ज्यादा हो सकती हैं। अगर होटल में ब्रेकफास्ट शामिल हो या आप कुछ स्नैक्स साथ रखें, तो फिजुल खर्च कम किया जा सकता है। लोकल फूड ट्राई करना भी बजट फ्रेंडली ऑप्शन हो सकता है, साथ आप यूनिक टेस्ट भी कर सकते हैं।
अक्सर लोग सिर्फ होटल और ट्रांसपोर्ट का बजट बनाते हैं, लेकिन पार्किंग फीस, एंट्री टिकट, एडवेंचर एक्टिविटी, शॉपिंग और टिप्स जैसे खर्च एड करना भूल जाते हैं। यही छोटे खर्च बाद में बड़ा बिल बन जाते हैं। ट्रिप से पहले एक फिक्स बजट तैयार करना और इमरजेंसी फंड रखें, ताकि आपके ऊपर एक्सट्रा खर्च का भार न बढ़ें।
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