75 साल के बूढ़े पीपल की बैंडबाजे के साथ निकली शोभायात्रा, जानें कैसे 15 किमी दूर लहलहाएगा बस्ती का बुजुर्ग पेड़

Published : Nov 29, 2022, 09:00 AM IST
75 साल के बूढ़े पीपल की बैंडबाजे के साथ निकली शोभायात्रा, जानें कैसे 15 किमी दूर लहलहाएगा बस्ती का बुजुर्ग पेड़

सार

75 साल के बूढ़े पीपल को बचाने के लिए एक शख्स ने लाखों रुपए खर्च कर उसे कहीं और शिफ्ट करवाया और कटने से बचा लिया। 

खंडवा(Madhya Pradesh).  कहते हैं पेड़ हैं तो जीवन है। इन्हीं से हमें प्राणवायु ऑक्सीजन मिलती है जिससे हम सब जिंदा हैं। लेकिन रोजाना नए नए निर्माणों व विभिन्न प्रोजेक्ट्स बनने के चलते सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं। इन्हीं सब के बीच मध्यप्रदेश के एक प्रकृति प्रेमी ने ऐसी मिसाल कायम की है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। 75 साल के बूढ़े पीपल को बचाने के लिए इस शख्स ने लाखों रुपए खर्च कर उसे कहीं और शिफ्ट करवाया और कटने से बचा लिया।

मध्य प्रदेश के खण्डवा में अंजनी टॉकीज के पास एक पुराना पीपल वर्षों से लोगों को छाया देता आ रहा है। 75 साल पुराने पीपल का ये पेड़ विकास की राह में आड़े आ रहा था। खंडवा में कॉलोनी के निर्माण में पीपल के पेड़ के कारण रुकावट आ रही थी। इसके लिए पर्यावरण प्रेमी रितेश गोयल ने पेड़ बचाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर उस पीपल को ट्री ट्रांसप्लांट के जरिए दूसरी जगह शिफ्ट करा दिया। इतना ही नहीं पीपल के पेड़ की शोभायात्रा बैंड बाजे के साथ निकाली गई।

ट्री ट्रांसप्लांट की टीम की मदद से शिफ्ट हुआ बूढा पेड़
खंडवा के रहने वाले प्रकृति प्रेमी रितेश गोयल ने ट्री ट्रांसप्लांट की टीम बुलाकर पीपल की शिफ्ट कराया गया। इसके लिए रितेश गोयल ने जिला प्रशासन से परमिशन लेकर लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पेड़ को 15 किमी दूर शिफ्ट करवाया। उन्होंने अपने खुद के खर्चे से हैदराबाद से ट्री ट्रांसप्लांट की टीम बुलवाकर इसे अन्यत्र शिफ्ट करवाने का काम किया। इसके लिए भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सैकड़ों लोग जिनकी इस पेड़ के प्रति वर्षों से सहानुभूति थी, जिनका खुद का बचपन ही नहीं बल्कि उनकी तीन-तीन पीढ़ियों का भी बचपन इस पेड़ की छांव में बीता था, वो भी इस शोभायात्रा में शामिल हुए। हैदराबाद की टीम ने एक माह तक प्रत्यारोपण की प्रक्रिया कर इसे ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया।

बैंड-बाजे के साथ निकाली शोभा यात्रा
पेड़ को बैंड-बाजे के साथ शहर से 15 किलोमीटर दूर शिफ्ट करने के लिए ले जाया गया। रात में शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर भर में डीजे की धुन के साथ इस पीपल के पेड़ की शोभा यात्रा निकाली गई। पर्यावरण प्रेमी रितेश गोयल की हर कोई तारीफ कर रहा है। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा के साथ साथ मानवता की भी अनूठी मिसाल भी पेश की है।

PREV

मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

MP Krishak Kalyan Varsh: किसान कल्याण वर्ष के तहत गेहूं उपार्जन व भंडारण को नई मजबूती
MP Wildlife News: कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण को नई गति, बोत्सवाना से आएंगे 8 चीते