500 रुपए खर्च कर पति-पत्नी बने सेना के मेजर और महिला जज, लोगों के लिए बने मिसाल..जीता दिल

Published : Jul 13, 2021, 01:45 PM IST
500 रुपए खर्च कर पति-पत्नी बने सेना के मेजर और महिला जज, लोगों के लिए बने मिसाल..जीता दिल

सार

भोपाल की रहने वाली शिवांगी जोशी ने अपने ही शहर के रहने वाले मेजर अनिकेत चतुर्वेदी के साथ कोर्ट मैरिज की है। सादगी की वजह से हर कोई उनको सलाम कर रहा है। दोनों ने परिवार वालों की अनुमति के बाद समाज को एक संदेश देने के लिए सोमवार को जिला कोर्ट में बिना शोर शराबे के यह शादी की। 

भोपाल (मध्य प्रदेश). महंगाई के जमाने हर कोई अपनी शादी को स्पेशल बनाने के चक्कर में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर देता है। सिर्फ चमक-धमक और शो-बाजी में पैसे को पानी की तरह बहा देते हैं, जिसका कोई मतलब नहीं निकलता। इसी बीच मध्य प्रदेश के राजधानी भोपल में एक सेना के मेजर और  सिटी मजिस्ट्रेट ने ऐसी शादी की है, जो सबके लिए मिसाल है। सिर्फ 500 रुपए खर्च कर वह पति-पत्नी बन गए। ना कोई बैंड-बाजा और ना बारात थी। जो पैसे खर्च किए गए वह फूल-माला व मिठाई के नाम पर किए।

न बैंड-बाजा न बारात और हो गई शादी
दरअसल, भोपाल की रहने वाली शिवांगी जोशी ने अपने ही शहर के रहने वाले मेजर अनिकेत चतुर्वेदी के साथ कोर्ट मैरिज की है। सादगी की वजह से हर कोई उनको सलाम कर रहा है। दोनों ने परिवार वालों की अनुमति के बाद समाज को एक संदेश देने के लिए सोमवार को जिला कोर्ट में बिना शोर शराबे के यह शादी की। जिसके बाद जज के सामने विवाह का रजिस्ट्रेशन कराया।

दो साल से टल रही थी शादी..अब जाकर बन पाए पति-पत्नी
बता दें कि अनिकेत वर्तमान में लद्दाख में तैनात हैं, जबकि शिवांगी धार में  सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। दो साल पहले दोनों का रिश्ता तय हुआ था। लेकिन कोरोना के चलते शादी लगातार टलती जा रही थी। वहीं शिवांगी ने बताया कि हमने शादी से जरूरी कोरोनाकाल में कोरोना योद्धा के रुप में काम करना बेहतर समझा। इसलिए और विवाह की तारीख आगे बढ़ाते चले गए। इस महामारी के प्रकोप में हम लोगों ने भी कई अपनों को खोया है।

दुल्हन ने लोगों से की दिल से एक ही अपील
शिवांगी ने बताया कि बढ़ती महंगाई के चलते हमने समाज को संदेश देना चाहा है कि शादी में करोड़ों खर्च करो तब भी कम हैं, और मंदिर-कोर्ट में कर लो तब भी वही बात है। मेरा लोगों से यही निवेदन है कि अगर आपके पास ज्यादा पैसा है तो दूसरों की मदद करिए। शादी में फिजूलखर्ची से कोई मतलब नहीं है।  शादी में फिजूलखर्च से न केवल लड़की के परिवार पर बोझ पड़ता है बल्कि पैसों का गलत इस्तेमाल भी होता है। साथ ही परिवार वालों की मौजूदगी में शादी करिए, क्योंकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है।

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