बाल संवारने पर महिला वकील को पुणे कोर्ट से मिला अजीबो-गरीब नोटिस, हंगामा मचा तो लिया वापस

Published : Oct 25, 2022, 10:41 AM ISTUpdated : Oct 25, 2022, 10:54 AM IST
बाल संवारने पर महिला वकील को पुणे कोर्ट से मिला अजीबो-गरीब नोटिस, हंगामा मचा तो लिया वापस

सार

पुणे की जिला कोर्ट ने अदालत में सुनवाई के दौरान महिला वकीलों को बाल संवारने पर रोक लगाने से जुड़ा एक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस पर कुछ वरिष्ठ वकीलों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कोर्ट ने इसे वापस ले लिया। 

पुणे। महाराष्ट्र में पुणे कोर्ट ने ऐसा अजीबो-गरीब नोटिस जारी किया, जिसके बाद देशभर में हंगामा मच गया। विवाद बढ़ता देख कोर्ट ने नोटिस को वापस ले लिया है। दरअसल, यह आदेश महिला वकीलों के लिए था। इस नोटिस की फोटो  सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसे सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट कर दिया, जिसके बाद यह वायरल हो गया। 

वायरल फोटो के मुताबिक, पुणे जिला कोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से जारी किए गए इस नोटिस में लिखा है, यह बार-बार देखा गया है कि महिला वकील अक्सर अपने बाल कोर्ट में संवारती-सुलझाती हैं। यह कोर्ट की कार्यवाही को बाधित अथवा विचलित करता है। ऐसे में महिला वकीलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसा न करें। रजिस्ट्रार की ओर से जारी इस आदेश की कापी को सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह ने अपने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर पर पोस्ट कर दिया, जहां से यह वायरल हो गया। 

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, वॉव, अब देखिए, महिला वकीलों को कौन क्या निर्देश जारी कर रहा है। हालांकि, पुणे बार एसोसिएशन ने भी ऐसे किसी नोटिस का  खंडन किया है। बार एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि उन्हें अभी तक इस संबंध में ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है। वैसे, नोटिस की कापी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद इस पर हंगामा मच गया और ऐसा होता देख पुणे की जिला अदालत के रजिस्ट्रार ने यह नोटिस वापस ले लिया। 

बार एसोसिएशन ने किया खंडन- ऐसा कोई नोटिस रिसिव नहीं हुआ 
पुणे की बार एसोसिएशन ने नोटिस का खंडन करते हुए कहा कि अब तक उन्हें ऐसा कुछ निर्देश नहीं मिला है। पुणे बार एसोसिएशन के चेयरमैन एडवोकेट पांडुरंग थोरवे ने नोटिस का खंडन करते हुए कहा कि अभी तक उन्हें या उनके कार्यालय को  रजिस्ट्रार की ओर से जारी ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है। पांड़रंग थोरवे ने कहा कि वकीलों से जुड़े जो भी नोटिस जारी होते हैं, वे बार एसोसिएशन के कार्यालय में जरूर आते हैं, मगर ऐसा कोई नोटिस रिसिव नहीं हुआ है। 

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