मोदी 2.0: लोकसभा के बाद राज्यों में लगे झटके, झारखंड-महाराष्ट्र गंवाए, दिल्ली हारे तो मप्र में मिली सत्ता

Published : May 29, 2020, 05:31 PM ISTUpdated : May 29, 2020, 05:41 PM IST
मोदी 2.0: लोकसभा के बाद राज्यों में लगे झटके, झारखंड-महाराष्ट्र गंवाए, दिल्ली हारे तो मप्र में मिली सत्ता

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने 30 मई 2019 को दोबारा सत्ता संभाली थी। शनिवार को मोदी के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा हो रहा है। जनता ने 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 2014 की तुलना में ज्यादा समर्थन और वोट दिए। 

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने 30 मई 2019 को दोबारा सत्ता संभाली थी। शनिवार को मोदी के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा हो रहा है। जनता ने 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 2014 की तुलना में ज्यादा समर्थन और वोट दिए। अकेले भाजपा को 303 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े से भी कहीं ज्यादा थीं। 1980 के बाद किसी पार्टी को पहली बार इतनी सीटें मिली थीं। इससे एक बार फिर तय हो गया था कि जनता को पीएम के रूप में मोदी ही पसंद हैं। लेकिन राज्यों में नतीजे भाजपा की उम्मीदों के अनुरूप नहीं आए। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक भाजपा को झटका लगा। इतना ही नहीं विपक्ष मोदी-शाह की जोड़ी पर भी सवाल उठाने लगा। आईए जानते हैं कि 2019 मई के बाद कितने राज्यों में चुनाव हुए और भाजपा की स्थिति क्या रही?

लोकसभा चुनाव के साथ चार राज्यों में हुए थे चुनाव
लोकसभा चुनाव के साथ आंध्र प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में चुनाव हुए थे। लेकिन भाजपा सिर्फ अरुणाचल में ही सरकार बना पाई। लेकिन अन्य राज्यों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।




लोकसभा चुनाव के बाद इन राज्यों में हुए चुनाव

महाराष्ट्र- सिर्फ 2 दिन चली सरकार
लोकसभा चुनाव के महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए थे। भाजपा को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव की तरह जनता उन्हें बड़ी जीत दिलाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। महाराष्ट्र में तो भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार में नहीं है। यहां भाजपा ने सिर्फ 2 दिन सरकार चला पाई। इतना ही नहीं, इस चुनाव के बाद भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ी पुरानी साथी शिवसेना भी अलग हो गई। शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। 
 




हरियाणा- मश्किल से बची सरकार
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के नतीजे भी भाजपा के लिए झटके देने वाले थे। लेकिन शीर्षकमान की सक्रियता के बाद दुष्यंत चौटाला की पार्टी के साथ बात बन गई और भाजपा सरकार बचाने में कामयाब हो सकी। 90 सीटों वाले राज्य में 40 सीटें भाजपा, 31 कांग्रेस, 10 जेजेपी और 9 अन्य को मिली थीं। भाजपा ने जेजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है। 




झारखंड- भाजपा ने गंवाई सत्ता
लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा को सबसे बड़ा झटका झारखंड में लगा। यहां पार्टी ने सत्ता तो गंवा ही दी, बल्कि बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। 81 सीटों वाले राज्य में सिर्फ 25 सीटें भाजपा को मिलीं। जेएमएम को 30, कांग्रेस को 16 और 2 सीट AJSU पार्टी को मिली है। जेएमएम और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई।

दिल्ली- भाजपा को मिली बुरी हार
दिल्ली में भाजपा ने सत्ता में वापसी की उम्मीद से चुनाव लड़ा था। राम मंदिर, तीन तलाक, नागरिकता कानून, धारा 370 चुनाव प्रचार के केंद्रबिंदु में थे। लेकिन भाजपा को दिल्ली में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, पिछले साल की तुलना में भाजपा को ज्यादा सीटें मिलीं। लेकिन यह संख्या सिर्फ 8 थी। सत्ताधारी आप ने 62 सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा का सत्ता में वापस आने का 22 साल पुराना सपना सपना ही रह गया।




मध्यप्रदेश- बिना चुनाव के सत्ता मिली
दिल्ली के बाद भाजपा को मध्यप्रदेश से एक अच्छी खबर मिली। यहां भाजपा बिना चुनाव के सत्ता में आने में कामयाब साबित हुई। इसके मुख्य सूत्रधार बने, ज्योतिरादित्य सिंधिया। सिंधिया कांग्रेस के बागी विधायकों के साथ ना केवल भाजपा में आए और बल्कि पार्टी को एक बार फिर राज्य की चाबी सौंप दी। शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार राज्य की कमान संभाली।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

सीमा पार से फिर साजिश? जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ के बाद LoC पर हाई अलर्ट
ISRO: क्या है 'अन्वेषा' जिसके लॉन्च होते ही आएगी आतंकियों की शामत, क्यों है खास