दुश्मन को मारते-मारते शहीद हो गए ये 20 जवान, जानिए 15 जून की रात भारत-चीन सीमा पर क्या हुआ था?

Published : Jun 17, 2020, 03:10 PM ISTUpdated : Jun 29, 2020, 06:26 PM IST
दुश्मन को मारते-मारते शहीद हो गए ये 20 जवान, जानिए 15 जून की रात भारत-चीन सीमा पर क्या हुआ था?

सार

पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर चीन ने बातचीत की आड़ में धोखा दिया है। सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। इनमें सबसे ज्यादा बिहार रेजिमेंट के हैं। 16 बिहार रेजिमेंट के 12 शहीद, 3 पंजाब रेजिमेंट के 3 शहीद, 3 मीडियम रेजिमेंट के 2 शहीद, 12 बिहार रेजिमेंट के 1 शहीद, 81 माउंट बिग्रेड सिग्नल कंपनी के 1 शहीद और 81 फील्ड रेजिमेंट का 1 जवान शहीद हो गया। 

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर चीन ने बातचीत की आड़ में धोखा दिया है। सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। इनमें सबसे ज्यादा बिहार रेजिमेंट के हैं। 16 बिहार रेजिमेंट के 12 शहीद, 3 पंजाब रेजिमेंट के 3 शहीद, 3 मीडियम रेजिमेंट के 2 शहीद, 12 बिहार रेजिमेंट के 1 शहीद, 81 माउंट बिग्रेड सिग्नल कंपनी के 1 शहीद और 81 फील्ड रेजिमेंट का 1 जवान शहीद हो गया। 


शहीद 20 जवानों के नाम
16 बिहार रेजिमेंट के 12 शहीद
1- सिपाही कुंदन कुमार
2- सिपाही अमन कुमार
3- दीपक सिंह
4- सिपाही चंदन कुमार
5- सिपाही गणेश
6- सिपाही गणेश राम
7- सिपाही केके ओझा
8- सिपाही राजेश ओरांव
9- सिपाही सीके प्रधान
10- नायब सूबेदार नंदूराम
11- हवलदार सुनील कुमार
12- कर्नल बी. संतोष बाबू


3 पंजाब रेजिमेंट के 3 शहीद
13- सिपाही गुरतेज सिंह
14- सिपाही अंकुश
15- सिपाही गुरविंदर सिंह


3 मीडियम रेजिमेंट के 2 शहीद
16- नायब सूबेदार सतनाम सिंह
17- नायब सूबेदार मनदीप सिंह


12 बिहार रेजिमेंट के 1 शहीद
18- सिपाही जयकिशोर सिंह


81 माउंट बिग्रेड सिग्नल कंपनी के 1 शहीद
19- हवलदार बिपुल रॉय


81 फील्ड रेजिमेंट के 1 शहीद
20- हवलदार के. पालानी


15 जून की रात सीमा पर क्या हुआ था?
पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झपड़ में भारत के कर्नल रैंक के अधिकारी सहित 20 जवान शहीद हो गए। इस घटना पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि चीन ने ऐसा क्यों किया? विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहां एक तरफ बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश हो रही है, वहां चीन ने ऐसी धोखेबाजी क्यों की? मंत्रालय ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया कि 15 जून को देर शाम और रात को चीन की सेना ने वहां यथास्थिति बदलने की कोशिश की। यथास्थिति से मतलब है कि चीन ने एलएसी बदलने की कोशिश की। भारतीय सैनिकों ने रोका और इसी बीच झड़प हुई।


6 जून को दोनों देशों के सीनियर कमांडरों के बीच हुई थी सार्थक बातचीत
विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया, 6 जून को दोनों देशों के सीनियर कमांडरों के बीच सार्थक बातचीत हुई थी। बातचीत में सीमा विवाद को कम करने की प्रक्रिया पर सहमति बनी। लेकिन बाद में चीन अपने वादे से मुकर गया। उसने गलवान घाटी में एलएसी पर बातचीत के अनुसार काम नहीं किया।

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