
भुवनेश्वर। आखिरकार पृथ्वी के पास से एस्टेरॉयड बिना नुकसान पहुंचाए गुजर ही गया। भारतीय समयानुसार शनिवार की रात करीब 11.21 मिनट पर यह धरती से सबसे करीब रहा। चार फुटबाल के मैदान के बराबर आकार वाले इस एस्टेरॉयड की रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति सेकेंड रही। नासा ने इस उल्का पिंड का नाम ‘2008 जी020’ रखा है।
विशाल एस्टेरॉयड की चौड़ाई करीब 97 मीटर और लंबाई 230 मीटर अनुमानित था। इसके पृथ्वी के पास से गुजरने को लेकर नुकसान की आशंका जताई गई थी लेकिन साइंटिस्ट्स ने इसे बाद में खारिज कर दिया था।
2034 में एक बार फिर यह आएगा
साइंटिस्ट की मानें तो पृथ्वी के पास से गुजरा यह एस्टेरॉयड एक बार फिर पास से गुजरेगा। लेकिन यह घटना सन् 2034 में घटित होगी। यानी बारह साल बाद। इसके पहले भी 1935 और 1977 में यह पृथ्वी के पास से गुजर चुका है।
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