
नई दिल्ली। लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर वंदे भारत ट्रेन्स का तोहफा देशवासियों को दिया। पीएम मोदी ने ऐलान किया कि 75 वंदे भारत ट्रेन्स देश के विभिन्न शहरों से जुड़ेंगे। अगले 75 हफ्तों में वंदे भारत ट्रेन आजादी का अमृत महोत्सव के गवाह बनेंगे।
पीएम ने देश को विभिन्न माध्यमों से जोड़ने वाली योजनाओं को गिनाया
पीएम मोदी ने बताया कि भारत विभिन्न हिस्सों से किस तरह जुड़ रहा। उड़ान योजना के तहत नए हवाईअड्डों का निर्माण हो रहा और देश के छोटे-छोटे शहरों को भी उड़ान योजना के तहत हवाई सेवा से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जलमार्गों से भी कई क्षेत्र जुड़ रहे। सी-प्लेन से देश को कनेक्ट किया जा रहा है। भारतीय रेल खुद को आधुनिक करने में जुटी है।
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गांव में युवा डिजिटल एन्टरप्रेन्योर बन रहे
पीएम मोदी ने कहा कि देश के गांव भी तेजी से सड़क के संजाल से जुड़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में गांव सड़क और बिजली की सुविधा से लैस हो गए हैं। आप्टिकल फाइबर गांवों में पहुंच रहा जिससे नेट कनेक्टिविटी की सुविधा मिलने लगी है। गांव में युवा डिजिटल एन्टरप्रेन्योर बन रहे।
नार्थ-ईस्ट भी विकास में रफ्तार पकड़ रहे
नार्थ-ईस्ट क्षेत्र भी अब विकास में साझेदार हुए हैं। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में समान व्यवस्था के तहत बिना किसी भेदभाव के विकास हो रहा है।
क्या है वंदे भारत ट्रेन...
16 कोचों वाला ट्रेन ‘वंदे भारत’ देश का अपना स्वयं का सेमी-हाई स्पीड ट्रेन सेट है। स्व-चालित ट्रेन को ढोने के लिए इंजन की आवश्यकता नहीं होती है। यह कहना सही होगा कि वंदे भारत आधुनिक ट्रेन यात्रा पर भारत का कदम है। उन्नत ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा और सुविधा के लिए स्वचालित दरवाजे, एयरलाइन जैसी बैठने की जगह, अन्य उन्नत सुविधाएं होंगी।
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अभी देश में केवल दो वंदे भारत ट्रेन
वर्तमान में, भारत में, केवल दो वंदे भारत ट्रेनें संचालित हैं। एक दिल्ली से वाराणसी तक चलता है और इसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में किया था, जबकि दूसरा दिल्ली से कटरा की यात्रा करता है।
अगले एक दो साल में कम से कम 40 शहर जुड़ेंगे
वंदे भारत ट्रेनों के लिए योजना को रेलवे तेजी से आगे बढ़ा रहा। अगस्त 2022 तक कम से कम 40 शहरों वंदे भारत ट्रेन जोड़ देंगे। रेलवे ने हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग फर्म मेधा को उत्पादन को बढ़ाने के लिए कहा गया है ताकि सभी परीक्षणों के बाद अगले साल मार्च तक कम से कम दो प्रोटोटाइप सफलतापूर्वक तैयार किए जा सकें। इस साल की शुरुआत में फरवरी में मेधा ने 44 वंदे भारत ट्रेनों के लिए विद्युत प्रणालियों की आपूर्ति का अनुबंध हासिल किया था।
मंत्रालय ने अनुबंध की शर्त में उल्लेख किया है कि सभी ट्रेल्स और परीक्षण के साथ वंदे भारत प्रोटोटाइप ट्रेन यात्रियों के साथ 1 लाख किलोमीटर की व्यावसायिक दौड़ पूरी करने में सक्षम होनी चाहिए। इसलिए वंदे भारत ट्रेनों को व्यावसायिक रूप से पटरियों पर आने में महीनों लग सकते हैं। आदर्श रूप से योजना दिसंबर 2022 या 2023 की शुरुआत में ट्रेनों के पहले सेट को शुरू करने की थी।
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