
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा चंडीगढ़ मेयर चुनाव के पिछले रिजल्ट को कैंसिल किए जाने के बाद आप-कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी कुलदीप कुमार को नया मेयर चुना गया है। 30 जनवरी को हुए चुनाव में चुनाव अधिकारी अनिल कुमार मसीह ने कुलदीप कुमार के 8 वोटों को अवैध कर बीजेपी प्रत्याशी को विजेता घोषित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मसीह द्वारा घोषित परिणाम को रद्द करने के साथ 8 अवैध मतों की गिनती कराकर रिजल्ट घोषित करने को कहा था। सर्वाेच्च न्यायालय ने कोर्ट में ही गिनती कराई और रिजल्ट डिक्लेयर किया गया। 8 मतों को गिनती में शामिल किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी कुलदीप कुमार विजयी घोषित किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप कुमार को कानूनी ढंग से मेयर निर्वाचित घोषित किया है।
केजरीवाल बोले-न्यायपालिका की वजह से एक गरीब घर का लड़का बना मेयर
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुलदीप कुमार एक गरीब घर का लड़का है। INDIA गठबंधन की ओर से चंडीगढ़ का मेयर बनने पर बहुत बहुत बधाई। ये केवल भारतीय जनतंत्र और माननीय सुप्रीम कोर्ट की वजह से संभव हुआ। हमें किसी भी हालत में अपने जनतंत्र और स्वायत्त संस्थाओं की निष्पक्षता को बचाकर रखना है।
रिटर्निंग अफसर अनिल मसीह ने बीजेपी को जिताने के लिए बैलेट किए इनवैलिड
दरअसल, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में 30 जनवरी को हुई मतों की गिनती के दौरान रिटर्निंग अफसर अनिल मसीह का वीडियो सामने आया था। वीडियो में अनिल मसीह साफ तौर पर बैलेट पेपर्स पर निशान लगाते हुए दिख रहे हैं। वह बैलेट को खराब करने के साथ कैमरा की ओर भी देख रहे हैं। 30 जनवरी को हुए मेयर चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी मनोज कुमार सोनकर 16 वोट पाकर विजयी घोषित किया गया था जबकि आप-कांग्रेस का संयुक्त प्रत्याशी कुलदीप कुमार 12 वोट पाकर चुनाव हार गया। 8 वोट इनवैलिड कर दिए गए। रिटर्निंग आफिसर ने आप-कांग्रेस को मिले 8 वोटों को इनवैलिड कर दिया ताकि बीजेपी प्रत्याशी जीत हासिल कर सके। वीडियो देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया था।
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