150 साल पुरानी परंपरा के अनुसार जम्मू-कश्मीर में हुआ यह बदलाव

Published : Nov 04, 2019, 03:44 PM IST
150 साल पुरानी परंपरा के अनुसार जम्मू-कश्मीर में हुआ यह बदलाव

सार

लगभग 150 साल पुरानी परंपरा के अनुसार जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव किया गया है। जिसमें अब जम्मू से लोक प्रशासन के कामकाज शुरू किया गया है। केन्द्रशासित राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद  लोक सचिवालय का यह पहला स्थानांतरण है।

जम्मू. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोक सचिवालय और सरकारी कार्यालय श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित हो गए और उनमें सोमवार से कामकाज शुरू हो गया। यह लगभग 150 साल पुरानी परंपरा है जिसमें गर्मियों में सरकारी कामकाज श्रीनगर से और सर्दियों में जम्मू से चलता है। इसे ‘दरबार मूव’ कहा जाता है। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केन्द्रशासित क्षेत्र के रूप में अस्तित्व में आए और इसके बाद लोक सचिवालय का यह पहला स्थानांतरण है।

उपराज्यपाल ने किया निरीक्षण

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने सुबह साढ़े नौ बजे लोक सचिवालय में पारम्परिक सलामी गारद का निरीक्षण किया। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन नहीं किया। वह इसके बजाय सीधे आधिकारिक कार्य शुरू करने के लिए सचिवालय चले गए। श्रीनगर में छह महीने तक कामकाज के बाद 25-26 अक्टूबर को सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालय बंद हो गए थे। यहां जिन अन्य कार्यालयों में कामकाज फिर से शुरू हुआ है उनमें राजभवन और पुलिस मुख्यालय भी शामिल हैं।

कड़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था 

जम्मू से प्रशासन के सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों के तहत शहर में खास तौर पर लोक सचिवालय की ओर जाने वाली सड़कों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। सचिवालय के बाहर मुख्य सड़क पर अवरोधक और पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती के साथ ही लोगों की आवाजाही पर रोक लगी है। पूरी तरह से जांच के बाद ही सड़क पर लोक सचिवालय के कर्मचारियों को जाने दिया जा रहा है।'

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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