
हैदराबाद। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने बुधवार को भारत का पहला स्वदेशी मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस ड्रोन दृष्टि 10 'स्टारलाइनर' लॉन्च किया। इसे अदानी ग्रुप ने तैयार किया है। यह ड्रोन अत्याधुनिक है। इससे नौसेना की ताकत बढ़ेगी।
दृष्टि 10 को मुख्य रूप से निगरानी के लिए बनाया गया है। यह लगातार 36 घंटे उड़ान भर सकता है। यह अपने साथ 450 किलो वजनी पेलोड लेकर उड़ सकता है। यह उन्नत इंटेलिजेंस, निगरानी और टोही प्लेटफॉर्म है। यह हर तरह के मौसम में काम कर सकता है।
दृष्टि 10 से बढ़ेगी नौसेना की निगरानी क्षमता
दृष्टि 10 लॉन्च करते वक्त एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। आईएसआर (Intelligence, Surveillance and Reconnaissance) टेक्नोलॉजी और समुद्री वर्चस्व में भारत और अधिक आत्मनिर्भर हुआ है। हमारे नौसैनिक अभियानों में दृष्टि 10 से क्षमताओं में वृद्धि होगी। इससे समुद्री निगरानी और टोही की क्षमता बढ़ेगी।
दृष्टि 10 ड्रोन को हैदराबाद के अदानी एयरोस्पेस पार्क में लॉन्च किया गया। अदानी डिफेंस और एयरोस्पेस ने पहले ही सेना और अन्य अर्धसैनिक बलों के लिए छोटे हथियार, मानव रहित विमान, रडार, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और एवियोनिक्स, सामरिक संचार प्रणाली और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम बनाए हैं।
नौसेना के बड़े काम का है दृष्टि 10 ड्रोन
गौरतलब है कि मध्यपूर्व में तनाव के चलते हिंद महासागर में जहाजों के लिए खतरे बढ़े हैं। हौथी विद्रोहियों और समुद्री लुटेरों से जहाजों को बचाने के लिए नौसेना ने अपने युद्धपोत तैनात कर रखे हैं। नौसेना के लिए समुद्र के बड़े इलाके की निगरानी करना बड़ी चुनौती है। भारतीय नौसेना द्वारा इसके लिए अमेरिका से लिए गए P-8I विमान और MQ-9B सी गार्जियन ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है।
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ड्रोन लगातार लंबे समय तक उड़ान भर सकते हैं, जिसके चलते इनकी मदद से निगरानी में सुविधा होती है। दृष्टि 10 ड्रोन से हिंद महासागर में निगरानी की नौसेना की क्षमता बढ़ेगी।
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