
नई दिल्ली। देवघर रोपवे दुर्घटना के बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को सभी राज्यों से सभी रोपवे का सिक्योरिटी ऑडिट करने को कहा है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला (Ajay Bhalla) ने इस संबंध में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) लागू करें।
मेंटेनेंस मैनुअल लागू करें
गृह सचिव अजय भल्ला ने अपने पत्र में कहा है कि हर रोपवे परियोजना के लिए एक मेंटेनेंस मैनुअल और प्रोग्राम होना चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवसथा मानक के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि रोपवे का संचालन करने वाली संस्था को मेंटेनेंस प्रोग्राम के तहत की गईं सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखना चाहिए। राज्य सरकार को प्रत्येक रोपवे परियोजना का सुरक्षा ऑडिट करने के लिए एक अनुभवी और योग्य कंपनी या संगठन को नियुक्त करना चाहिए। इसके अलावा रोपवे का संचालन करने वाली इकाई को ऑडिट में सामने आए सभी मुद्दों से निपटना चाहिए।
बीआईएस मानकों का पालन हो
गृह सचिव ने कहा कि रोपवे परियोजनाओं के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए निर्धारित बीआईएस मानकों का पालन किया जाना चाहिए। इस संबंध में नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से मदद ली जा सकती है। यह कॉर्पोरेशन भारत सरकार के सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का नोडल संगठन है। भल्ला ने राज्यों को सभी रोपवे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करने, इनका आकस्मिक निरीक्षण और ऑडिट करने का निर्देश दिया।
हादसे में 4 की मौत
गृह सचिव का यह पत्र देवघर में रविवार शाम हुए हादसे के बाद आया है। इस हादसे में दो केबल कारों के आपस में टकराने के बाद रोपवे बंद हो गया था। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर कई केबल कारों में 59 लोग करीब 46 घंटे तक फंसे रहे। एयरफोर्स ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 55 लोगों को बचा लिया, लेकिन 4 लोगों की जान चली गई।
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