'उद्धव ने मेरा फोन नहीं उठाया, मोदी जी के खिलाफ बोला गया...' इस्तीफे के बाद फडणवीस का छलका दर्द

Published : Nov 08, 2019, 05:27 PM ISTUpdated : Nov 08, 2019, 05:45 PM IST
'उद्धव ने मेरा फोन नहीं उठाया, मोदी जी के खिलाफ बोला गया...' इस्तीफे के बाद फडणवीस का छलका दर्द

सार

देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कहा कि उद्धव ठाकरे को मैंने फोन किया, लेकिन उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया। उन्होंने कहा, लोगों ने हमारे काम की वजह से हम पर भरोसा किया और दोबारा सेवा का मौका दिया। इस बार हमारी सीटें थोड़ी कम रह गईं।    

मुंबई. देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कहा कि उद्धव ठाकरे को मैंने फोन किया, लेकिन उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया। उन्होंने कहा, लोगों ने हमारे काम की वजह से हम पर भरोसा किया और दोबारा सेवा का मौका दिया। इस बार हमारी सीटें थोड़ी कम रह गईं। उन्होंने कहा कि मैंने 5 साल तक प्रदेश की सेवा की। महाराष्ट्र की जनता ने महागठबंधन को जनादेश दिया। इस चुनाव में बीजेपी की जीत की दर बढ़ी। हमें उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिलीं। चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा को 105, शिवसेना को 56, कांग्रेस को 44, एनसीपी को 54 और अन्य ने 28 सीटों पर जीत हासिल की।

देवेंद्र के 10 दर्द :

1- सारी हदें पार हुईं : पिछले 10 दिनों में सारी हदें पार हुईं। हमारे संस्कार नहीं, इसलिए हमने जवाब नहीं दिया।

2- शिवसेना की भाषा पर आपत्ति: देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना जिस भाषा में हमसे बात करती थी वैसी भाषा में कभी एनसीपी ने भी हमसे बात नहीं की। यह दिल दुखाने वाली बात है।

3- मोदी के खिलाफ बयान : उन्होंने कहा, हमारे विरोधी हम पर टिका टिप्पणी कर सकते हैं लेकिन हमारे साथ सत्ता में रहते हुए हमारे ही सबसे बड़े नेता पीएम मोदी के खिलाफ बयान आते थे, वो बहुत गलत लगता था।

4- मेरा फोन नहीं उठाया : "उद्धव ठाकरे ने मेरा फोन तक नहीं उठाया। हम चर्चा के लिए तैयार थे, लेकिन शिवसेना तैयार नहीं। चुनाव हमारे साथ जीतकर आए थे फिर कांग्रेस-एनसीपी से बात क्यों ?

5- 50-50 फॉर्मूला बहाना : "शिवसेना और बीजेपी के बीच सीएम पद के लिए 50-50 पर मेरे सामने कभी कोई निर्णय नही हुआ। मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, नितिन गडकरी से भी इस बारे में पूछा, लेकिन उन्होंने भी सीएम के लिए 50-50 फार्मूले पर किसी भी तरह के फैसले से इनकार किया।"

6- हम भी जवाब दे सकते थे : शिवसेना ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, उससे भी कड़ी भाषा में जवाब देना आता है, लेकिन हम वैसा नहीं करेंगे।

7- उद्धव के आजू- बाजू के लोगों का व्यवहार गलत : उद्धव ठाकरे से मेरी अच्छी मित्रता है, लेकिन जिस तरह का व्यवहार उनके आजू- बाजू के लोग कर रहे हैं वह बेहद गलत है।

8- हमसे बात करने की फुर्सत नहीं थी : दिन में तीन बार शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस से बात करती थी, हमने बात करने की फुर्सत नहीं थी। मीडिया के जरिए बात करते थे।

9- लगातार विपक्ष से बात करती रही शिवसेना : शिवसेना ने पहले दिन से कांग्रेस और एनसीपी से बात करने का प्लान बनाया था। जिनके खिलाफ जनादेश मिला, उनसे बातचीत करना ठीक नहीं है। ऐसे में विपक्षी दलों से लगातार बात करना मानसिकता को बताता है।

10- हमने कभी बाला साहेब के खिलाफ नहीं बोला : शिवसेना के नेताओं ने जिस तरह के बयान दिए, हम उससे आहत हैं। बीजेपी के नेता ने कभी बाला साहेब और उद्धव के खिलाफ कभी गलत बयान दिया।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

गैंगस्टर अबू सलेम को 14 दिन की पैरोल देने से सरकार का इनकार, अब क्या बचा आखिरी रास्ता?
45 लाख के गहने देख भी नहीं डोला मन, सफाईकर्मी की ईमानदारी देख सीएम ने दिया इनाम