
नेशनल डेस्क। एयर इंडिया के 200 कर्मचारियों के सिक लीव पर चले जाने पर करीब 76 फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी थी। इससे पैसेंजर्स को भी दिक्कत हुई थी। इसपर एयर इंडिया ने सख्त निर्णय लेते हुए 30 क्रू मेंबर्स को नौकरी से निकाल दिया है। एयर इंडिया के 200 कर्मचारियों ने लीव मैसेज डालने के बाद अपने फोन भी बंद कर लिए थे। कम लागत वाली एयरलाइंस एयर इंडिया की सहायक कंपनी है जो कि अब टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली हो चुकी है, के लिए यह संकट वाली स्थिति हो सकती है। अभी और क्रू मेंबर्स को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
नई रोजगार शर्तों का विरोध कर रहे कर्मचारी
एयर इंडिया अब टाटा ग्रुप्स के स्वामित्व वाली कंपनी हो गई है। ऐसे में टाटा ग्रुप्स की शर्तें भी एयर इंडिया के नियमों से अलग हैं। एयर इंडिया के क्रू मेंबर्स नई रोजगार शर्तों का विरोध कर रहे हैं। क्रू मेंबर्स ने व्यवहार में समानता में कमी का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का दावा है कि कई स्टाफ को सीनियर पोस्ट का इंटरव्यू क्लियर करने के बाद भी कम नौकरी के लिए अपॉइंट किया गया है। वहीं कुछ चालक दल ने अपने मुआवजे के पैकेज में हुए बदलाव को अच्छा बताया है।
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टाटा के विस्तारा में भी हुआ था विरोध
एयर इंडिया एक्सप्रेस क्राइसिस टाटा ग्रुप के लिए नई मुसीबत बन गई है। काफी परेशानी के बीच एक महीने बाद जाकर इसके फुल सर्विस कैरियर विस्तारा में भी वेतन पैकेज में बदलाव को लेकर कई पायलट की तरफ से विरोध के स्वर तेज हो गए थे।
क्रू मेंबर्स के साथ चल रही बातचीत
एयर इंडिया एक्सप्रेस के सूत्रों के मुताबिक मैनेजमेंट मास सिक लीव के कारणों को लेकर क्रू मेंबर्स से बातचीत कर रहा है। इसके साथ ही वे यात्रियों की असुविधा कम करने कि दिशा में भी स्टेप्स ले रहे हैं। 30 लोगों को नौकरी से निकाले जाने के मामले में स्पष्ट कारण न बताना पूर्व निर्धारित अकारण छुट्टी को दर्शाता है जो कि गलत है।
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