अखिलेश मिश्रा बोले- जनधन के साथ PM की 10 ऐसी योजनाएं जिससे हर वर्ग को हुआ लाभ

Published : Aug 28, 2024, 05:41 PM IST
akhilesh mishra

सार

पीएम मोदी की जनधन योजना के 10 साल पूरा होने पर ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के सीईओ अखिलेश मिश्रा ने पीएम मोदी की प्रमुख योजना के लाभ के बारे में विस्तार से समझाया।

नेशनल न्यूज। जनधन योजना पीएम मोदी की पहली प्रमुख योजना है जिसे उन्होंने 2014 में अपना पहला कार्यकाल शुरू होने के कुछ ही महीने के बाद लॉन्च किया था। ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के सीईओ अखिलेश मिश्रा ने बताया कि यह विचार किसी विशेषज्ञ की सलाह पर नहीं बल्कि पीएम मोदी के अंदर की धारणाओं से उनकी अपनी गहरी धारणाओं से आया है। ने जन धन पीएम योजना के दस साल पूरा होने पर पीएम मोदी इस प्रमुख योजना को विस्तार से समझाया। 

इस योजना के लिए पहला काम आधार तैयार करना था। 2015 की नई दूरसंचार नीति ने JAM ट्रिनिटी को सक्षम बनाया और भारत को मौलिक रूप दिया है। इससे सबसे गरीब तबका जिन्हें राज्य के समर्थन की सबसे अधिक जरूरत थी फाइनेंशियल सिस्टम में शामिल हो गया।

जन धन के आधार पर बना JAM ट्रिनिटी 

डीबीटी (2014): इसके जरिए लाभ पाने के लिए गरीबी रेखा में आने वाले अपमान को खत्म किया गया। अब तक 38 लाख करोड़ से अधिक हस्तांतरित।

मुद्रा ऋण (2015): गिरवी रखने से मुक्त, किफायती दर पर लोन, इनफॉरमल तरह से लोन और लोन के जाल को खत्म करना होगा। 

पढ़ें सामान्य बचत खाते से कैसे अलग है जनधन खाता, किसे मिल सकता है लाभ

सोशल सिक्योरिटी (2015): जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और पेंशन योजनाओं का लाभ लोग उठा रहे हैं। एक संपूर्ण समूह कभी 50 करोड़ से अधिक लोगों के संपर्क में ही नहीं था वह अब सक्षम हो गया है। आज 45 करोड़ से अधिक लाभार्थी हो चुके हैं। 

अपना घर:  पीएम आवास (2015)  योजना के तहत अपना घर भी जन धन खाते के पैसों से सुनिश्चित किया ताकि सब्सिडी इच्छुक और योग्य लाभार्थी को मिल सके। 4 करोड़ से अधिक लोगों का इस योजना के चलते अपना घर है।

फसल बीमा लाभ: पीएम फसल बीमा योजना 2016 में लॉन्च की गई थी। इससे किसानों को जरूरत पड़ने पर उनको बीमा राशि का भुगतान का आश्वासन दिया गया था। आज 8 करोड़ से अधिक किसान इसका लाभ ले रहे हैं।

यूपीआई डिजिटल भुगतान (2016): डिजिटली कैश ट्रांसफर के आसान बनने से हर वर्ग को लाभ मिला। इस योजना ने हर वर्ग को जोड़ा यहां तक कि फल बेचने वाले ग्रामीण विक्रेता से लेकर घरेलू नौकरानीपेशा तक को इससे लाभ हुआ। दुनिया भर में 40% डिजिटल भुगतान अकेले भारत में होता है।

आयुष्मान भारत योजना (2018) स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह सबसे बड़ी राहत देने वाली योजना है। इससे गरीबों को काफी राहत मिली है। 50 करोड़ से अधिक लोग इस योजना का लाभ ले रहे हैं।

कृषि आकस्मिक खर्च (2019): पीएम की ओर से किसानों पर खेतीबाड़ी में आने वाले अचानक खर्च को समझ कर और वैरीफाई कर इसे फाइनेंशियल सिस्टम से जो़ड़ा गया। ऐसी स्थिति में किसानो को रिस्क कवर दिया जाता है। 11 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। 

क्राइसिस सपोर्ट (2020-21): इसके अंतर्गत कोविड के समय लॉकडाउन होने पर लाखों लोगों से समय पर सहायता प्रदान की गई। सरकारी समर्थन के चलते देश को इस महामारी से निपटने का मौका मिल सका। 

स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्वनिधि (2020): जन धन योजना के चालू होने से बैंक स्ट्रीट वेंडर्स तक को लोन देने को तैयार हो गई थी।  

जनधन का वास्तविक लाभ क्या हुआ?
इस योजना को गरीबों का अपमान कम हुआ। मनरेगा मजदूरों की कमाई खाने वाले बिचौलिए के हाथ अब कुछ नहीं आता क्योंकि मजदूरी सीधे खाते में जाती है। एक गरीब महिला उद्यमी को हुआ जो ऋण लेने गई लेकिन बैंकों ने इनकार कर दिया और वह सूदखोरों के जाल में फंस गई। जनधन ने इसका भी अंत किया। अपने परिजनों के लिए अस्पताल में इलाज न करा पाने का अपमान भी पीएम की योजनाओं ने खत्म किया। 

 

 

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