
Who is Javed Siddiqui: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। इससे पहले, ईडी ने अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े 25 ठिकानों पर छापेमारी की और दस्तावेज व डिजिटल सबूत जब्त किए। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस अवैध पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया गया था।
जवाद अहमद सिद्दीकी की गिरफ्तारी कई वित्तीय अपराधों में उनकी दोषी पाए जाने के बाद हुई है। जांच में करोड़ों रुपये की क्राइम इनकम का पता चला है, जिसे ट्रस्ट द्वारा फैमिली के स्वामित्व वाली संस्थाओं में कन्वर्ट किया गया था। ईडी ने 48 लाख रुपए से ज्यादा कैश और कई डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं।
बता दें कि ईडी ने अल-फलाह ग्रुप के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज की गई दो FIR के आधार पर जांच शुरू की थी, जिनमें आरोप लगाया गया था कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने गलत तरीके से फायदा कमाने के मकसद से स्टूडेंट्स और हितधारकों को धोखा दिया। साथ ही NAAC मान्यता को लेकर झूठे और भ्रामक दावे भी किए। UGC ने कहा था कि यूनिवर्सिटी सिर्फ एक राज्य (हरियाणा) निजी विश्वविद्यालय के रूप में धारा 2(f) के तहत शामिल है। यहां तक कि उसने कभी भी धारा 12(B) के तहत शामिल होने के लिए एप्लिकेशन नहीं दी।
जवाद अहमद सिद्दीकी का जन्म 15 नवंबर 1964 को मध्य प्रदेश में इंदौर के पास महू में हुआ था। जवाद सिद्दीकी ने इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री ली है। 1992 से 1994 के बीच वो जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में लेक्चरर भी रह चुका है। जवाद ने अल फलाह यूनिवर्सिटी को चलाने वाले चैरिटेबल ट्रस्ट में अपनी पत्नी, बेटी और भाइयों को ट्रस्टी बनाया है। बता दें कि अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 1995 में हुई थी। जवाद अहमद सिद्दीकी शुरुआत से ही इसका मैनेजिंग ट्रस्टी है। ट्रस्ट के नाम पर चलने वाले सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी डायरेक्ट उसके नियंत्रण में हैं।
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