
नई दिल्ली. 19 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले NCP चीफ शरद पवार की प्रधानमंत्री से हुई करीब 50 मिनट की बातचीत से राजनीति में हलचल मच गई है। संसद का मानसून सत्र हंगामाभरा होने के आसार हैं। कृषि कानून, कोरोना और कश्मीर के अलावा चीन को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बन रहा है। इससे पहले आज केंद्र सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। वहीं, NDA की भी बैठक रखी गई है। इस संबंध में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद पटेल ने सूचना जारी की थी।
राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी खारिज की चुके हैं पवार
पिछले दिनों चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से शरद पवार की मुलाकात के बाद से अटकलें लगाई जा रही हैं कि विपक्ष पवार को राष्ट्रपति पद के लिए खड़ा कर सकता है। हालांकि शरद पवार ने इसका खंडन किया था। उन्होंने दो टूक कहा था कि जिस पार्टी(BJP) में 300 से अधिक सांसद हैं, से देखते हुए क्या नतीजा होगा, उन्हें मालूम है।
पवार की भाजपा नेताओं से मुलाकात से राजनीति हलचल बढ़ी
मोदी से मिलने से पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि पवार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा कांग्रेस नेता आनंद शर्मा से भी मिल चुके हैं। इन मुलाकातों के पीछे क्या राजनीति है, यह अभी सामने नहीं आया है।
कांग्रेस ने तय की रणनीति
बुधवार को कांग्रेस पार्लियामेंट स्ट्रेटजी ग्रुप(PSG) की बैठक हुई थी। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौजूद थे। इसमें सरकार को किसान आंदोलन, पेट्रोल-डीजल की कीमतें, महंगाई, कोरोना और सीमा संबंधी मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई गई।
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