
Amarnath Yatra 2025: देश के कोने-कोने से श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंच रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग अब सीधे कश्मीर पहुंचकर वहीं से यात्रा शुरू कर रहे हैं। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का डर अब श्रद्धालुओं के जज्बे के आगे फीका पड़ गया है। केवल सात दिनों में ही एक लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं। ये आस्था की ताकत है जो डर की हर दीवार तोड़ रही है।
इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हमले के बाद सरकार ने करीब 600 अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात की हैं। घाटी पहले से ही सुरक्षा बलों से भरी है लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाए गए हैं। हर दिन औसतन 7,000 श्रद्धालु जम्मू से तय काफिलों में रवाना हो रहे हैं।
अब तक जम्मू से आठ काफिलों में कुल 55,382 श्रद्धालु रवाना हो चुके हैं। लेकिन मंगलवार तक कुल 1,11,000 से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। इससे साफ है कि लोग अब बेखौफ होकर यात्रा पर निकल रहे हैं और आतंकी हमले की घटनाएं उनके हौसले को कम नहीं कर पाई हैं।
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है और 9 अगस्त को समाप्त होगी। यह दिन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन का त्योहार भी है। कुल मिलाकर यह यात्रा 38 दिनों तक चलेगी। अमरनाथ की पवित्र गुफा समुद्र तल से 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां श्रद्धालु दो रास्तों से पहुंच सकते हैं पहलगाम और बालटाल।
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दूसरी ओर, बालटाल मार्ग छोटा है और इसमें सिर्फ 14 किलोमीटर पैदल चलकर श्रद्धालु एक ही दिन में दर्शन कर बेस कैंप लौट सकते हैं। इस बार सुरक्षा कारणों से हेलीकॉप्टर सेवा नहीं चल रही है, इसलिए सभी यात्रियों को पैदल ही यात्रा करनी पड़ रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और हर दिन हजारों लोग बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
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