100 नए सैनिक स्कूल PPP मोड पर: क्या शिक्षा और सेना भर्ती का पूरा सिस्टम बदलने वाला है?

Published : Nov 14, 2025, 10:06 AM IST
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सार

क्या मोदी सरकार का 100 Sainik Schools Mission देश की सैन्य शिक्षा की दिशा बदलने वाला सबसे बड़ा कदम है? पीपीपी मोड पर खुलने वाले ये स्कूल क्या ग्रामीण छात्रों की तकदीर बदलेंगे? और क्या Gujarat का नया Organic Plant किसानों को ग्लोबल बाज़ार से जोड़ेगा?

नई दिल्ली। भारत में शिक्षा और रक्षा तैयारियों को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि देश में PPP मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। सरकार का दावा है कि ये स्कूल खासतौर पर ग्रामीण और साधारण परिवारों के बच्चों को सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए तैयार करेंगे। इस घोषणा के साथ ही गुजरात में श्री मोतीभाई आर चौधरी सागर सैनिक स्कूल (MRCSSS) और सागर ऑर्गेनिक प्लांट का उद्घाटन भी किया गया। अमित शाह के मुताबिक, यह कदम गुजरात के कई जिलों के छात्रों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।

क्या PPP मॉडल पर खुलने वाले सैनिक स्कूल ग्रामीण युवाओं का सपना पूरा करेंगे?

अमित शाह ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने यह फैसला देश की सैन्य शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए लिया है। 50 करोड़ की लागत से बने MRCSSS में स्मार्ट क्लासरूम, हॉस्टल, लाइब्रेरी, कैंटीन और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। सरकार का दावा है कि PPP मोड के ये स्कूल न सिर्फ शिक्षा का स्तर बढ़ाएंगे, बल्कि छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देश सेवा की भावना भी मजबूत करेंगे।

क्या गुजरात का नया ‘सागर ऑर्गेनिक प्लांट’ किसानों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा?

उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने बताया कि यह प्लांट Amul Brand के साथ मिलकर जैविक खेती को बढ़ावा देगा।

प्लांट की खास बातें:

  • 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन की क्षमता
  • NPOP और APEDA दोनों की प्रमाणिकता
  • प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सीधा लाभ
  • जैविक उत्पादों की पहुँच देश-दुनिया तक
  • इससे किसानों को उनकी उपज के बेहतर दाम मिल सकेंगे।

दूधसागर डेयरी कैसे बनी ‘गुजरात की श्वेत क्रांति’ की रीढ़?

अमित शाह ने बताया कि 1960 में जहाँ डेयरी सिर्फ 3,300 लीटर दूध प्रतिदिन एकत्र करती थी, वहीं आज यह क्षमता बढ़कर 35 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

  • 1,250 गांवों से जुड़ाव
  • 10 लाख से ज्यादा दुग्ध उत्पादक समूह
  • 8 आधुनिक डेयरियां + 2 चिलिंग सेंटर
  • 8,000 करोड़ रुपए का कारोबार

सबसे खास बात-अमूल के 70% कारोबार में महिलाओं का योगदान है, जो डेयरी सेक्टर में महिलाओं की बढ़ती शक्ति को दर्शाता है।

क्या नई डेयरी नीतियां किसानों की आय दोगुनी कर पाएंगी?

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार:

  • 75,000 नई डेयरी सहकारी समितियां बनाएगी
  • उत्पादन का 50% बाज़ार तक पहुँचाना सुनिश्चित करेगी
  • पशुपालकों को चक्रीय अर्थव्यवस्था का पूरा लाभ देगी
  • भूपेंद्र पटेल सरकार ने भी गुजरात में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए बड़ा राहत पैकेज जारी किया है।
  • सरकार का दावा है कि यह मॉडल ग्रामीण भारत को नई ताकत देगा।

 

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