मोदी का कार्यकाल भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग के रूप में जाना जाएगा, जानिए शाह ने क्यों दिया यह बयान

Published : Dec 15, 2022, 11:38 PM IST
मोदी का कार्यकाल भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग के रूप में जाना जाएगा, जानिए शाह ने क्यों दिया यह बयान

सार

अमित शाह ने कहा कि भविष्य में जब भी इतिहास लिखा जाएगा तो 2014 से शुरू होने वाला समय, जब प्रधानमंत्री मोदी ने पद ग्रहण किया, भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग के रूप में जाना जाएगा।

India's cultural renaissance era: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग के रूप में जाना जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी के कार्यकाल की खूबियों को गिनाते हुए यह बातें कही है। वह गुरुवार को गुजरात में स्वामीनारायण संप्रदाय के एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को नरेंद्र मोदी ने कई अनिश्चितताओं और हीनभावना से मुक्त किया है। देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जुड़े तमाम अधूरे कामों को पूरा कराया है। अयोध्या का राम मंदिर हो या काशी विश्वनाथ कॉरिडोर। यह सब मोदी के कार्यकाल में ही पूरा होना संभव था।

स्वामी शताब्दी समारोह में पहुंचे थे गृह मंत्री

स्वामी नारायण संप्रदाय के प्रमुख स्वामी शताब्दी समारोह में पहुंचे अमित शाह ने स्वामी नारायण संप्रदाय के अनुयायियों की जमकर प्रशंसा की है। यह समारोह करीब एक महीना चलेगा। अहमदाबाद के बाहरी क्षेत्र में स्थापित 'प्रमुख स्वामी महाराज नगर' में शुरू हुए इस समारोह में 'बेहतर जीवन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन' का शाह ने उद्घाटन किया। जबकि शताब्दी समारोह का शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी और संप्रदाय के प्रमुख महंत स्वामी महाराज ने बुधवार को किया था।

इतिहास लिखा जाएगा तो मोदी का कार्यकाल ऐतिहासिक...

अमित शाह ने कहा कि भविष्य में जब भी इतिहास लिखा जाएगा तो 2014 से शुरू होने वाला समय, जब प्रधानमंत्री मोदी ने पद ग्रहण किया, भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग के रूप में जाना जाएगा। मोदी के नेतृत्व ने भारतीय समाज को कई अनिश्चितताओं और हीन भावना से मुक्त किया है। उन्होंने सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जुड़े कई अधूरे कार्यों को भी पूरा किया है। चाहे वह अयोध्या में राम मंदिर हो या काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण, यह केवल नरेंद्र मोदी की वजह से हो सका। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज (जिनका 2016 में निधन हो गया) का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने परिवार की संस्था और संन्यास परम्परा या त्याग की परंपरा का कायाकल्प किया।उन्होंने गुजरात में लाखों युवाओं को नशा छोड़ने में मदद करने के लिए बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) स्वामीनारायण संप्रदाय को भी श्रेय दिया।

ये प्रमुख हस्तियां इसमें रहीं शामिल

इस कार्यक्रम में Adani group के गौतम अडानी, GMR Group के जीएम राव, Zydus Group के पंकज पटेल,  Torrent Group के अध्यक्ष सुधीर मेहता और Reliance Industries के निदेशक परिमल नथवाणी सहित कई व्यवसायी और कॉर्पोरेट जगत के नेता शामिल हुए।

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