
India in United Nations: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को भारत ने एक बार फिर बेइज्जत किया है। भारत ने पाकिस्तान को लताड़ते हुए कहा कि जिस देश ने अलकायदा के मारे गए आतंकवादी ओसामा बिन लादेन की मेजबानी की और पड़ोसी देश की संसद पर हमला किया, वह उपदेश देने की हैसियत नहीं रखता। दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाया था। कश्मीर मुद्दे उठाने पर भारत ने वैश्विक मंच पर से फटकार लगाई।
संयुक्त राष्ट्र की चुनौतियां अन्य मुद्दों पर फोकस
भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि महामारी, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद पर फोकस कर उसको लेकर विश्वसनीयता हासिल करना अभी संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख चुनौतियां है। अभी दुनिया के सामने तमाम चुनौतियां हैं जिससे निपटना और इस पर संयुक्त राष्ट्र केंद्रित है। लेकिन पाकिस्तान गलत जगहों पर बेसिरपैर के मुद्दों को उठाता रहता है। कश्मीर पर पाकिस्तान की झूठ को सारी दुनिया जानती है। लेकिन वह आतंकवाद के अपने समर्थन से दुनिया को भ्रमित करने के लिए ऐसा करता रहा है। जयशंकर ने कहा कि ओसामा को पनाह देने वाला और पड़ोसी देश की संसद में आतंकी हमला कराने वाला यहां परिषद के सामने उपदेश देने की बजाय आतंक विरोधी कदम उठाकर आतंक विरोधी लड़ाई में साथ दे।
18 साल पहले हुआ था भारतीय संसद पर हमला
भारत की संसद पर करीब 18 साल पहले हमला हुआ था। यह हमला 13 दिसंबर को पाकिस्तान प्रायोजित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के आतंकवादियों ने किया था। इस हमले के दौरान संसद परिसर में हमला के दौरान आग लगा दी गई थी। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे।
भारत ने कहा-आतंकवाद के खात्मे में सहयोग करें फिर बातचीत
दरअसल,भारत ने पाकिस्तान को कुछ दिनों पहले ही दो टूक कह दिया था कि पहले पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना या प्रायोजित करना बंद करें फिर बातचीत हो सकेगी। भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वह आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में इस्लामाबाद के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है। एक दिन पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा उठाया था। इस पर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ लगाई।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ गए थे। भारत ने 5 अगस्त 2019 में 370 खत्म कर दिया था। भारत के फैसले ने पाकिस्तान से कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की जिसने राजनयिक संबंधों को कम कर दिया और भारतीय दूत को निष्कासित कर दिया। हालांकि, भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्पष्ट रूप से कहा कि धारा 370 को खत्म करना उसका आंतरिक मामला है। साथ ही पाकिस्तान को वास्तविकता को स्वीकार करने और भारत विरोधी सभी प्रचार बंद करने की भी सलाह दी।
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