
नई दिल्ली। 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों (Anti Sikh Riots case) के मामले में आरोपी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दिया है। शनिवार को इसके खिलाफ सिख समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते पुलिस के साथ उनकी हल्की झड़प हुई।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को जगदीश टाइटलर को अग्रिम जमानत दी थी। कोर्ट ने उनके खिलाफ समन जारी किया था। इसके चलते शनिवार को जगदीश टाइटलर सिख विरोधी दंगा मामले में पेशी के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। उधर, सीबीआई ने जगदीश टाइटलर के खिलाफ चार्जशीट दायर किया। चार्जशीट में जगदीश टाइटलर को मर्डर का आरोपी बनाया गया है। उन पर 1984 के सिख दंगों में हत्या का आरोपी बनाया गया है।
जगदीश टाइटलर को भरना होगा एक लाख का जमानत बांड
राउज एवेन्यू कोर्ट ने जगदीश टाइटलर को सेशन कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्त के मुताबिक जमानत देने को कहा है। सेशन कोर्ट ने कहा है कि टाइटलर को जमानत के लिए 1 लाख रुपए का बांड भरना होगा। कोर्ट ने जगदीश टाइटलर को आरोप पत्र देने का निर्देश दिया। इस मामले में कोर्ट में 11 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
जगदीश टाइटलर को मिली बेल के खिलाफ सिखों ने किया विरोध प्रदर्शन
दूसरी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (Delhi Sikh Gurdwara Management Committee) के सदस्यों ने जगदीश टाइटलर को मिली बेल के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के साथ उनकी मामूली झड़प हो गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कोर्ट रूम का एंट्री गेट बंद कर दिया।
क्या है सिख विरोधी दंगा?
1984 में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी। इसके बाद दिल्ली में सिखों के खिलाफ दंगा फैल गया था। दंगे में करीब 3 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। दिल्ली में 2500 से ज्यादा लोग मारे गए थे। दंगे यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों तक फैल गए थे। दिल्ली में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर पर दंगे भड़काने के आरोप लगे थे। सज्जन कुमार को दोषी ठहराया जा चुका है। टाइटलर पर आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।
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